Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव की आहट के बीच एक बड़ी चुनावी घोषणा की है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) की पूर्व संध्या पर एक सभा में मुख्यमंत्री ने राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए 1,500 रुपये प्रति माह के भत्ते का ऐलान किया। यह सभा चुनाव आयोग द्वारा राज्य में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के विरोध में आयोजित धरने के दौरान की गई थी। राज्य में जल्द होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इस घोषणा को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कौन-कौन होंगे पात्र?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अनुसार इस योजना का लाभ उन युवाओं को मिलेगा जिन्होंने माध्यमिक परीक्षा (कक्षा 10) पास की है और जिनकी आयु 21 से 40 वर्ष के बीच है। साथ ही वे किसी अन्य सरकारी योजना के लाभार्थी नहीं होने चाहिए, हालांकि स्कॉलरशिप पाने वाले छात्र इस योजना के लिए पात्र रहेंगे।
ममता बनर्जी ने बताया कि यह भत्ता 7 मार्च से ही लागू कर दिया गया है। पहले सरकार ने इसे 1 अप्रैल से शुरू करने की योजना बनाई थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इसे पहले ही लागू कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘युवा साथी’ योजना के तहत जो छात्र अभी पढ़ाई कर रहे हैं और स्कॉलरशिप के अलावा किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं, उन्हें भी इस भत्ते का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य युवाओं को आर्थिक सहारा देना और उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना है।
बेरोजगारी में 40% कमी का दावा
ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनकी सरकार के प्रयासों से राज्य में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और बेरोजगारी दर में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 40 लाख लोगों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से लगभग 10 लाख लोग रोजगार प्राप्त कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह संभव हुआ क्योंकि राज्य सरकार ने ‘उत्कर्ष बांग्ला’ योजना के तहत प्रशिक्षित युवाओं को उद्योगपतियों से जोड़ने के लिए उनके प्लेटफॉर्म और वेबसाइट को आपस में लिंक किया है, जिससे प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार मिलने में आसानी हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी श्रमिकों को भी रोजगार के अवसर देने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में जूट उद्योग में लगभग 10,000 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिन्हें बाद में इसी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
किसानों और लघु उद्योगों पर भी जोर
ममता बनर्जी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने भूमिहीन किसानों के लिए 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पहले एक कठ्ठा जमीन वाले किसानों को भी इतनी ही राशि दी जाती थी।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के क्षेत्र में देश में अग्रणी है और राज्य के लगभग 1.5 करोड़ लोग छोटे उद्योगों में कार्यरत हैं।

