ढाका: बांग्लादेश की मशहूर पत्रकार और टेलीविजन टॉक-शो होस्ट नाजनीन मुन्नी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट में आरोप लगाया है कि एंटी-डिस्क्रिमिनेशन स्टूडेंट मूवमेंट की मेट्रोपॉलिटन ब्रांच कमेटी के नाम पर 7-8 लोगों का एक ग्रुप उनके ऑफिस आया और उन्हें धमकी दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि उन्हें नौकरी छोड़ने की धमकी दी गई। पोस्ट के अनुसार इन लोगों ने धमकी दी कि, ‘अगर तुमने नौकरी नहीं छोड़ी, तो प्रोथोम आलो-डेली स्टार की तरह इस ऑफिस में आग लगा देंगे।’
नाजनीन मुन्नी अभी ‘ग्लोबल टेलीविजन बांग्लादेश’ में काम करती हैं। उन्हें मिल रही धमकी की इस घटना को मीडिया पर हो रहे लगातार हमलों का हिस्सा माना जा रहा है। हाल के दिनों में बांग्लादेश के अखबार प्रोथोम आलो, डेली स्टार, छायानाट और उदिची सहित कई मीडिया और सांस्कृतिक संस्थानों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई हैं, जिससे पूरे बांग्लादेश में चिंता भी फैली हुई है।
नाजनीन मुन्नी को 48 घंटे में हटाने की धमकी
नजनीन मुन्नी ने बताया है कि धमकी की यह घटना रविवार, 21 दिसंबर को हुई थी, लेकिन उन्हें इसके बारे में अगले दिन ही पता चला जब वह ऑफिस लौटीं। उन्होंने बताया कि शाम को रिपोर्टरों के साथ मीटिंग खत्म करने के बाद, वह रात करीब 8:00 बजे एक रेस्टोरेंट में एक दोस्त से मिलने के लिए ऑफिस से निकलीं। थोड़ी देर बाद, सात-आठ लोगों का एक ग्रुप ऑफिस आया। आने से पहले उन्होंने चैनल के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) अहमद हुसैन से फोन पर संपर्क किया था, और खुद को आंदोलन की मेट्रोपॉलिटन कमेटी के सदस्य बताया था, लेकिन उन्होंने अपना मकसद साफ-साफ नहीं बताया था।
नाजनीन मुन्नी के अनुसार, ग्रुप ने सबसे पहले इंकलाब मंच के प्रवक्ता शाहिद शरीफ उस्मान हादी की गोली मारकर हत्या की घटना की चैनल की कवरेज की आलोचना की। इसके बाद उन्होंने सवाल उठाया कि उन्हें चैनल में नौकरी क्यों दी गई। इन लोगों ने आरोप लगाया कि नाजनीन अवामी लीग से जुड़ी हुई हैं। इसके बाद उन्हें हटाने पर जोर देने लगे।
नाजनीन के अनुसार MD ने जवाब दिया कि नाजनीन मुन्नी को पूरी जांच-पड़ताल के बाद नौकरी पर रखा गया था और उनका अवामी लीग से कोई राजनीतिक संबंध नहीं है। हालांकि, इन लोगों ने जोर दिया कि उनकी मांग मानी जानी चाहिए और चेतावनी दी कि अगर उन्हें नहीं हटाया गया तो ऑफिस में आग लगा दी जाएगी, जैसा कि प्रोथोम आलो और द डेली स्टार के साथ हुआ था।
नाजनीन मुन्नी ने आगे आरोप लगाया कि ग्रुप ने एक पेपर पेश किया और 48 घंटे के अंदर उन्हें नौकरी से निकालने का वादा करने वाले इस पेपर पर हस्ताक्षर करने की मांग की। MD ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इसके बाद ग्रुप ने कथित तौर पर घोषणा की कि उनकी मांगें हर हाल में पूरी की जाएं। इन लोगों ने यह दावा भी किया बड़े अखबार भी उनका विरोध नहीं कर पाए थे। MD ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया, लेकिन वहां मौजूद एक सहकर्मी ने कथित तौर पर हस्ताक्षर कर दिया।
‘दूसरे पत्रकारों को भी मिल रही धमकियां’
नाजनीन ने यह भी कहा कि घटना के बाद ऑफिस के अधिकारियों ने उन्हें चुप रहने की सलाह दी और कई दिनों तक काम पर न आने को कहा। इसके बावजूद, उन्होंने सार्वजनिक रूप से बोलने का फैसला किया। उन्होंने कहा, ‘हर कुछ दिनों में बार-बार मिलने वाली धमकियाँ बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं।’ उन्होंने बताया कि जमुना टीवी के एक एडिटर समेत दूसरे पत्रकारों को भी इसी तरह की धमकियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक दबाव के कारण उन्हें जून में DBC न्यूज छोड़ना पड़ा था।
नाजनीन मुन्नी ने इस घटना को मीडिया को डराकर चुप कराने के चल रहे अभियान का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, ‘एक खास ग्रुप लगातार हमलों के जरिए पत्रकारों को डराने की कोशिश कर रहा है। वे नहीं चाहते कि ऐसे लोग जो जनता की राय को प्रभावित कर सकते हैं, मीडिया में रहें।’
‘द टाइम्स ऑफ ढाका’ के अनुसार जब नाजनीन के दावों को लेकर टिप्पणी के लिए ग्लोबल टीवी बांग्लादेश के मैनेजिंग डायरेक्टर अहमद हुसैन से संपर्क किया गया, तो यह कहते हुए सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया, कि वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।

