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उस्मान हादी के कथित हत्यारे ने दुबई में होने का किया दावा, बांग्लादेश पुलिस ने भारत भागने का लगाया था आरोप

उस्मान हादी के कथित हत्यारे में एक्स पर एक वीडियो में खुद के दुबई में होने का दावा किया। इससे पहले ढाका पुलिस ने हत्यारों के भारत भागने का आरोप लगाया था।

ढाकाः बांग्लादेश पुलिस द्वारा छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी के हत्या के दो मुख्य आरोपियों के मेघालय सीमा से भारत भागने के आरोप के कुछ दिनों बाद एक फैसल करीम मसूद ने बुधवार,31 दिसंबर को दावा किया कि वह दुबई में है।

एक्स पर एक वीडियो शेयर कर मसूद ने हादी की हत्या में किसी भी तरह की संलिप्तता से इंकार किया है। इस वीडियो की सत्यता क्या है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। गौरतलब है कि हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में बडे़ पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। इसमें प्रदर्शनकारियों ने देश के प्रमुख अखबारों द डेली स्टार और प्रोथोम आलो पर हमला कर दिया था। इसके अलावा मेमनसिंह में एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई और बाद में शव को पेड़ पर लटका कर आग लगा दी गई थी।

मसूद ने वीडियो में क्या दावा किया?

मसूद ने वीडियो में कहा “मैं फैसल करीम मसूद हूं। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि हादी की हत्या में मेरा किसी भी तरह का कोई हाथ नहीं है। यह मामला पूरी तरह से झूठा है और मनगढ़ंत साजिश पर आधारित है।”

यह वीडियो ऐसे समय में आया है जब हाल ही में ढाका पुलिस ने यह दावा किया था कि उस्मान हादी के हत्या के दो प्रमुख आरोपी भारतके मेघालय भाग गए हैं। मसूद ने आगे कहा “इस झूठे आरोप के कारण मुझे देश छोड़कर दुबई आना पड़ा। मेरे पास पांच साल का वैध मल्टीपल-एंट्री दुबई वीजा होने के बावजूद, मैं बड़ी मुश्किल से यहां आया।”

मसूद ने आगे दोहराया कि हादी की हत्या में उसका कोई हाथ नहीं है और उसने दावा किया कि हादी के साथ उसके संबंध बिजनेस को लेकर थे। उसने यह भी दावा किया कि “हां, मैं हादी के कार्यालय गया था। मैं एक व्यवसायी हूं; मेरी एक आईटी फर्म है और मैं पहले वित्त मंत्रालय में कार्यरत था। मैं नौकरी के अवसर के संबंध में हादी से मिलने गया था। उन्होंने नौकरी दिलाने का वादा किया और अग्रिम भुगतान मांगा।”

ढाका पुलिस ने भारत भागने का किया था दावा

द डेली स्टार और प्रोथोम आलो की रिपोर्टों के अनुसार, ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) ने रविवार को कहा कि फैसल करीम मसूद, सह-आरोपी आलमगीर शेख के साथ, स्थानीय सहयोगियों की मदद से मयमनसिंह में हलुआघाट सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश कर गया।

हालांकि मेघालय पुलिस और बीएसएफ ने ढाका पुलिस के इन दावों का पूरी तरह से खंडन किया था। बांग्लादेश में बीते कुछ दिनों से हालात अस्थिर बने हुए हैं। इस बीच कई अन्य घटनाएं हुई हैं। अल्पसंख्यकों पर हमले की कई रिपोर्टें आई हैं जिसको लेकर भारत के विभिन्न शहरों में प्रदर्शन भी हुए हैं।

इस कारण से भारत और बांग्लादेश के संबंध भी खटास भरे हैं। हालांकि, बीएनपी प्रमुख और देश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के जनाजे में शामिल होने के लिए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर 31 दिसंबर को बांग्लादेश पहुंचे। इसे दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने की दिशा के रूप में देखा जा रहा है। बांग्लादेश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया की 80 साल की उम्र में 30 दिसंबर को मृत्यु हो गई थी।

बीते साल 2024 में बांग्लादेश में देश के बनने के आंदोलन में शामिल सेनानियों के परिवारीजनों को दिए जाने वाले आरक्षण के विरोध में आंदोलन हुआ था। यह आंदोलन इस हद तक बढ़ा कि जिसके चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद छोड़ना पड़ा था और वह भारत आ गई थीं। उसके बाद देश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार बनी जो अभी तक है। देश में आम चुनाव फरवरी 2026 में प्रस्तावित हैं।

अमरेन्द्र यादव
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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