ढाका: बांग्लादेश में एक हिंदू पुलिस अधिकारी की हत्या के सिलसिले में वांछित एक छात्र कार्यकर्ता को दिल्ली हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया। बांग्लादेश का यह छात्र कार्यकर्ता यूरोप भागने की कोशिश में था। इसी दौरान उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। इसकी पहचान अहमद रजा हसन मेहदी के तौर पर हुई है। उसे गिरफ्तार किए जाने और जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं के बाद भारतीय अधिकारियों ने बांग्लादेश प्रत्यर्पित कर दिया है।
बांग्लादेश के हबीगंज निवासी मेहदी पर 5 अगस्त, 2024 को सब-इंस्पेक्टर संतोष चौधरी की हत्या का आरोप है। यह घटना पड़ोसी देश में सत्ता परिवर्तन लाने वाले राष्ट्रव्यापी आंदोलन के दौरान हुई थी।
संतोष चौधरी की हत्या एक पुलिस स्टेशन पर हमले के दौरान हुई थी। उनका शव बाद में एक पेड़ से लटका हुआ मिला था। 5 अगस्त ही वह दिन है जब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा था। उस दिन बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में आगजनी और लूटपाट की कई घटनाएं सामने आईं थीं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक वायरल वीडियो में मेहदी को पुलिसकर्मी की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए देखा गया था।
बांग्लादेश में शेख हसीना को सत्ता से हटाने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन से एक साल से भी कम समय पहले सब-इंस्पेक्टर संतोष चौधरी की शादी हुई थी। हबीगंज के बानियाचांग पुलिस स्टेशन पर हुए हमले में उनकी मृत्यु के तीन महीने बाद चौधरी की पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया। चौधरी अपने माता-पिता के इकलौता बेटे थे।
पुलिस स्टेशन पर हमले वाले दिन, छात्रों और ग्रामीणों ने एक मार्च निकाला था। रिपोर्ट के अनुसार जैसे ही वे पुलिस स्टेशन के पास पहुँचे, वहां बहस हुई और बिगड़ते हालात देख पुलिसकर्मियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसमें छह लोग मारे गए। इसके बाद क्रोधित ग्रामीणों ने पुलिस स्टेशन को घेर लिया और उसमें आग लगा दी, जिसमें कई पुलिसकर्मी अंदर फंस गए। खबरों के अनुसार, चौधरी को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और जिंदा जला दिया।

