ढाका: बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या का मामला सामने आया है। पिछले दस दिनों में देश में इस तरह की यह तीसरी घटना है। युवक की मौत गोली लगने से हुई है। ताजा घटना बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले की है। यह वही इलाका है जहां 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था और बाद में उसकी लाश को पेड़ पर लटकाया गया और यहां तक कि जला भी गया।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार स्थानीय पुलिस ने बताया यह गोलीबारी सोमवार शाम करीब 6.45 बजे बांग्लादेश के भालुका उपजिला इलाके में एक गारमेंट फैक्ट्री के अंदर हुई। शख्स बजेंद्र बिस्वास, लबीब ग्रुप की एक यूनिट सुल्तान स्वेटर्स लिमिटेड में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर ड्यूटी पर था।
बिस्वास अपने साथी नोमान मिया के साथ फैक्ट्री में तैनात था। दोनों ‘बांग्लादेश अंसार’ के सदस्य थे। अंसार का मतलब बांग्लादेश अंसार और विलेज डिफेंस पार्टी (अंसार-VDP) से है, जो देश में वर्दीधारी सहायक फोर्स है। इसके जवानों को आमतौर पर फैक्टरियों, बैंकों, चुनावों और सरकारी जगहों पर सुरक्षा ड्यूटी के लिए तैनात किया जाता है। संवेदनशील जगहों पर इन्हें हथियार भी दिए जा सकते हैं।
सांप्रदायिक हत्या या गलती से चली गोली?
यह घटना जहां हुई वहां करीब 20 अंसार कर्मी तैनात थे। पुलिस ने बताया कि बिस्वास की मौत बाईं जांघ में गोली लगने से हुई, और गोली नोमान की बंदूक से चलाई गई थी। नोमान को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, फिलहाल ये साफ नहीं है, कि गोली जानबूझकर मारी गई या गलती से ऐसा हुआ। इसे लेकर अलग-अलग बातें सामने आई हैं।
एएनआई के अनुसार जांचकर्ताओं और चश्मदीदों ने बताया है कि दोनों गार्ड फैक्ट्री परिसर के अंदर अंसार बैरक में रह रहे थे। बातचीत के दौरान, नोमान ने कथित तौर पर मजाक-मजाक में बिस्वास पर अपनी बंदूक तान दी। इसी बीच गलती से ट्रिगर दब गया, और गोली बिस्वास की जांघ में लगी, जिससे उनकी मौत हो गई।
दूसरी ओर कुछ रिपोर्ट के मुताबिक, बजेंद्र बिस्वास और नोमान मिया फैक्ट्री के अंदर साथ बैठे थे। तभी नोमान के पास मौजूद शॉटगन से गलती से गोली चल गई। गोली बिस्वास की बाईं जांघ में लगी, जिससे गंभीर चोटें आईं और बहुत ज्यादा खून बहने लगा।
फैक्ट्री के स्टाफ ने बजेंद्र बिस्वास को तुरंत भालुका उपजिला हेल्थ कॉम्प्लेक्स पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। भालुका मॉडल पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज जाहिदुल इस्लाम ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए मैमनसिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुर्दाघर भेज दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि गोलीबारी गलती से हुई थी या इसमें कोई और वजह शामिल थी। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और गवाहों से जांच में सहयोग करने की अपील की है।
यह घटना तब सामने आई है जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों और खासकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हाल में दीपू चंद्र दास की बेरहमी से हत्या की घटना के बाद ढाका में एक और हिंदू व्यक्ति, अमृत मंडल को कथित तौर पर जबरन वसूली के आरोपों पर गोली मार दी गई थी।
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि हाल के सभी मामलों की जांच की जा रही है, क्योंकि अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों से जुड़ी बार-बार होने वाली हिंसक घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ रही है।

