नई दिल्लीः बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने आगामी चुनाव से पहले देश की अंतरिम सलाहकार मोहम्मद यूनुस पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा का बांग्लादेश एक ऐसा देश है जो बुरी तरह से घायल और लहूलुहान है।
गौरतलब है कि शेख हसीना अगस्त 2024 में छात्र प्रदर्शनों के बीच देश छोड़कर भारत आ गईं थीं। इसके बाद से वह भारत में रह रही हैं और उनकी सार्वजनिक उपस्थिति नहीं हुई है।
शेख हसीना ने क्या कहा?
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि “बांग्लादेश आज एक गहरे अंधकार के कगार पर खड़ा है, एक ऐसा राष्ट्र जो बुरी तरह से घायल और लहूलुहान है।”
उन्होंने आगे कहा, “लोकतंत्र अब निर्वासन में है।” हसीना ने एक ऑडियो संदेश में ये बयान दिया।
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते खराब दौर में बने हुए हैं। ऐसे में इस भाषण के बाद रिश्तों में और तल्खी देखी जा सकती है। हालांकि, बीते दिसंबर देश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के जनाजे में शामिल होने के लिए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर पहुंचे थे। भारत के इस कदम को दोनों देशों के बीच खराब रिश्तों को सुधारने के रूप में देखा गया था।
हालांकि, नई दिल्ली और ढाका के बीच रिश्तों में दूरी बढ़ती दिखाई दे रही है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों (हिंदुओं) पर हो रहे हमलों को लेकर भारत के कई शहरों में प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों के बाद आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को खिलाए जाने को लेकर भी आपत्ति जताई गई जिसके बाद बीसीसीआई ने खिलाड़ी को न खिलाने का फैसला किया। इसके बाद बांग्लादेश ने भारत में खेलने से मना कर दिया।
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बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने बीते गुरुवार (22 जनवरी) को 7 फरवरी से भारत में आयोजित टी20 वर्ल्ड कप में खेलने से मना कर दिया।
बांग्लादेश में 17 महीने बाद होंगे चुनाव
गौरतलब है कि बीते साल नवंबर में हसीना को ढाका की एक अदालत द्वारा लोगों को उकसाने, हत्या का आदेश देने और अत्याचारों को रोकने में निष्क्रियता का दोषी पाया और उन्हें फांसी की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले में उनकी पार्टी अवामी लीग की गतिविधियों को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया था।
हसीना ने कहा, “बांग्लादेश को शहीदों के खून से लिखे संविधान की रक्षा और उसे बहाल करना होगा, अपनी स्वतंत्रता को पुनः प्राप्त करना होगा, अपनी संप्रभुता की रक्षा करनी होगी और अपने लोकतंत्र को पुनर्जीवित करना होगा।”
हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद काफी समय तक चुनाव नहीं हुए। अब करीब 17 महीने बाद देश में चुनाव फरवरी महीने में होने हैं। 85 वर्षीय मोहम्मद यूनुस जो देश के अंतरिम सलाहकार हैं, चुनाव के बाद पद छोड़ देंगे।
यूनुस के कार्यालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि यह चुनाव “अच्छे चुनावों के लिए मानक स्थापित करेगा।” इससे पहले बांग्लादेश की पार्टियों ने गुरुवार को चुनाव के लिए आधिकारिक प्रचार शुरू किया था।

