ढाका: बांग्लादेश में गुरुवार (12 फरवरी) को संसदीय चुनाव हो रहे हैं। बांग्लादेश के इतिहास में यह सबसे अहम आम चुनाव में से एक है। साल 2024 में बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़ बांग्लादेश से भागना पड़ा था। उस घटना के बाद यह पहला चुनाव है। देश के भीतर एक बड़ा वर्ग शेख हसीना के खिलाफ आंदोलन को ‘दूसरी स्वतंत्रता’ के रूप में वर्णित करता है। हालांकि, उस आंदोलन के बाद बांग्लादेश में शासन, जवाबदेही और लोकतांत्रिक वैधता के बारे में गंभीर सवाल भी उठ रहे हैं। इस लिहाज से भी बांग्लादेश का यह चुनाव बेहद अहम हो जाता है क्योंकि यह उसके भविष्य की राह तय करेगा।
बांग्लदेश चुनाव से जुड़ी 10 बड़ी बातें
- बांग्लादेश में आज मतदाता जातीय संसद (बांग्लादेशी संसद) में 299 सीटों के लिए मतदान कर रहे हैं। शेरपुर-3 निर्वाचन क्षेत्र में एक उम्मीदवार की मृत्यु के कारण मतदान रद्द कर दिया गया है। कुल 12.77 करोड़ पंजीकृत मतदाता फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली के तहत अपना वोट डालेंगे। मतदान स्थानीय समयानुसार सुबह 7:30 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 7 बजे) शुरू हुआ और गिनती शाम को वोटिंग के बाद आने शुरू हो जाएंगे।
- वोटिंग बांग्लादेश के 42,779 केंद्रों पर शाम 4:30 बजे तक चलेगी। इसके बाद मतगणना शुरू होगी और बांग्लादेश की नई सरकार की रूपरेखा सामने आ जाएगी।
- यह चुनाव देशभर में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 15 साल के शासन के खत्म होने के लगभग 18 महीने बाद हो रहे हैं। देश में 13वें पार्लियामेंट्री चुनाव 84-पॉइंट रिफॉर्म पैकेज पर रेफरेंडम के साथ-साथ हो रहे हैं। बांग्लादेश के मतदाताओं में 18 से 37 वर्ष की आयु के लगभग 44 प्रतिशत मतदाता हैं। कुल पंजीकृत मतदाता संख्या लगभग 12.7 करोड़ है।
- यह चुनाव देश भर में हो रहे रेफरेंडम के साथ हो रहा है, जिससे बांग्लादेश के कॉन्स्टिट्यूशनल फ्रेमवर्क में काफी बदलाव आ सकता है।
- 12.7 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 62 करोड़ से अधिक महिलाएं हैं। करीब 27 लाख महिलाओं ने पहली बार वोट देने के लिए रजिस्टर किया है, जो नए रजिस्टर हुए करीब 18 लाख पुरुष वोटर्स से काफी ज्यादा हैं।
- बांग्लादेश के इस चुनाव केवल 83 महिला उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें 63 राजनीतिक पार्टियों से हैं और 20 निर्दलीय उम्मीदवार हैं। महिलाओं की यह संख्या कुल उम्मीदवारों का लगभग चार प्रतिशत है।
- चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा पक्का करने के लिए, अधिकारियों ने देश भर में लगभग 9,58,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है। संवेदनशील और ज्यादा संवेदनशील इलाकों में तैनाती बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पोलिंग को आसानी से कराने के लिए 1,00,000 से ज्यादा सेना के जवानों को तैनात किया गया है।
- इन चुनाव में शेख हसीना की अवामी लीग हिस्सा नहीं ले रही है क्योंकि इन्हें पहले ही चुनावों से बैन कर दिया गया है और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) सबसे आगे दिख रही है।
- इस चुनाव में सीधे तौर पर लड़ाई बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के लीडरशिप वाले अलायंस के बीच है। 17 साल बाद देश वापस आए हुए बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के 60 साल के बेटे तारिक रहमान गुरुवार के चुनाव में सबसे आगे माने जा रहे हैं।
- बांग्लादेश में नियमों के अनुसार मतदाता जातीय संसद की 300 सीटों पर प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। इसके अलावा महिलाओं के लिए आरक्षित 50 अतिरिक्त सीटों को पार्टी के प्रदर्शन के आधार पर आनुपातिक आवंटन के माध्यम से बाद में भरा जाएगा।

