ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों में मौत हो गई है। ईरानी सरकारी मीडिया और समाचार एजेंसी ‘फार्स’ ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया है कि इस हमले में खामेनेई के परिवार के चार सदस्य भी मारे गए हैं, जिनमें उनकी बेटी, पोता और दामाद शामिल हैं। खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया है। वहीं, ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी को नया कमांडर इन चीफ नियुक्त किया गया है। ईरान ने साफ कहा है कि सुप्रीम लीडर की मौत का बदला लिया जाएगा और अमेरिकी बेस निशाने पर रहेंगे।
ईरानी सरकारी टीवी के एक प्रेजेंटर ने रोते हुए खामेनेई की मौत की घोषणा की और देश में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी चैनलों पर पढ़े गए आधिकारिक बयान के मुताबिक, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने बताया कि खामेनेई की शनिवार तड़के उनके दफ्तर में उस समय मौत हुई, जब वे अपने काम में व्यस्त थे।
आईआरजीसी से जुड़ी तसनीम न्यूज एजेंसी ने कहा कि उनकी दफ्तर में हुई मौत इस बात का प्रमाण है कि उनके कहीं छिपे होने की खबरें दुश्मनों का मनोवैज्ञानिक युद्ध थीं। इस बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अमेरिकी ठिकानों और इजराइल पर बड़ा हमला किया जाएगा और इतिहास का सबसे खतरनाक जवाब कब्जे वाले इलाकों तथा अमेरिकी अड्डों की ओर बढ़ रहा है।
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि संयुक्त हमलों में खामेनेई मारे गए हैं। उन्होंने इसे ईरान की जनता के लिए सबसे बड़ा अवसर बताते हुए कहा कि अब वे अपने देश पर फिर से नियंत्रण हासिल कर सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि उन्हें खामेनेई के उत्तराधिकारी के बारे में जानकारी है और कहा कि ईरान को बेहतर तरीके से नेतृत्व देने वाले लोग मौजूद हैं।
ट्रंप ने क्या कुछ कहा है?
ट्रंप ने अपने बयान में कहा, “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, खामेनेई अब नहीं रहे।” उन्होंने यह भी कहा कि यह उन सभी अमेरिकी नागरिकों और दुनिया के कई अन्य देशों के लोगों के लिए न्याय है, जो खामेनेई और उनके साथियों की वजह से मारे गए या घायल हुए।
ट्रंप ने कहा कि खामेनेई अमेरिकी खुफिया तंत्र और उन्नत ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं सके। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में अमेरिका ने इजराइल के साथ मिलकर काम किया और लक्षित हमले बेहद सटीक थे, खामेनेई या उनके साथ मारे गए अन्य नेता कुछ भी नहीं कर सके।
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), सेना और अन्य सुरक्षा बलों के कई सदस्य अब लड़ना नहीं चाहते और अमेरिका से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अभी उन्हें इम्युनिटी मिल सकती है, लेकिन बाद में केवल मौत का सामना करना पड़ेगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि जरूरत पड़ने पर बमबारी पूरे हफ्ते या उससे अधिक समय तक जारी रह सकती है। उनके अनुसार, एक ही दिन में ईरान को भारी सैन्य नुकसान पहुंचा है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी ने बताया कि राष्ट्रपति ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ हालात की निगरानी की और प्रधानमंत्री नेतन्याहू से फोन पर बात की। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि खुफिया आकलनों के आधार पर ईरान की मिसाइल क्षमता और परमाणु कार्यक्रम से गंभीर खतरा पैदा हो रहा था, और कूटनीतिक विकल्प अब प्रभावी नहीं रह गए थे।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से कहा कि “कई संकेत हैं कि खामेनेई अब नहीं रहे।” हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर मौत की पुष्टि नहीं की। नेतन्याहू ने इतना जरूर कहा कि खामेनेई का परिसर नष्ट कर दिया गया है।
गौरतलब है कि ईरान के साथ इजराइल और अमेरिका के युद्ध के चलते पूरे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में धमाकों की खबरें आईं, जबकि सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन ने ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम करने का दावा किया। कतर और यूएई में भी हमलों की सूचना है।
यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में जहाजरानी पर फिर से हमले शुरू करने की चेतावनी दी है। एहतियात के तौर पर ईरान, इराक, इजराइल, सीरिया, कुवैत और यूएई सहित कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है, और कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने उड़ानें रद्द कर दी हैं।
‘201 लोगों की मौत और 700 से अधिक के घायल’
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार जारी हमलों में अब तक कम से कम 201 लोगों की मौत और 700 से अधिक के घायल होने की खबर है। दक्षिणी ईरान के एक गर्ल्स स्कूल में 100 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की भी सूचना है। अमेरिकी सेना ने नागरिक हताहतों की खबरों की समीक्षा करने की बात कही है।
खामेनेई की मौत के साथ ही ईरान के संविधान के तहत सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसके तहत राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और गार्जियन काउंसिल का एक धर्मगुरु मिलकर अंतरिम परिषद बनाएंगे। इस बीच इजराइल की ओर से ईरानी ठिकानों पर नए हमलों और ईरान की ओर से खाड़ी देशों में जवाबी कार्रवाई की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

