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गीत-संगीत और प्रकृति से गहरा लगाव रखने वाली उजला लोहिया राजस्थान के जयपुर शहर से ताल्लुक रखती हैं। समाजशास्त्र, हिंदी स्नातक और संगीत(सितार) में मास्टर्स हैं।
कहानी संग्रह 'आँकुरी बाँकुरी' और उपन्यास "नींद और जाग' प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी चर्चित और पुरस्कृत कहानियों में है - 'पीली दीवार वाला नरक', गौरया टोटका, बेंच पर टिकी पीठ' आदि। उपन्यास 'नींद और जाग' विज्ञान और दर्शन के मेल से उपजी कथा है, जिसकी टैग लाइन है- "'नैनोमनोलोजी'- सत्य के द्वार पर फंतासी की दस्तक।"
हिंदी की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में उनकी कहानियों के साथ ही यात्रा वृतांत, ललित निबंध, कविताएं और आलेख प्रकाशित होते रहते हैं। साथ ही वे गीतकार के रूप में भी काम कर रही हैं।
9414008768