नई दिल्ली: विधानसभा चुनाव के तहत असम, केरल और पुडुचेरी में आज मतदान हो रहे हैं। दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कुल 296 सीटों पर कड़ी सुरक्षा के बीच वोट डाले जा रहे हैं। तीनों राज्यों में एक ही चरण में आज मतदान है। भाजपा जहां असम में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने की कोशिश में है। यही स्थिति केरल में लेफ्ट मोर्चा के साथ है। वह 2016 से यहां सत्ता में है। दूसरी ओर पुडुचेरी में एन रंगास्वामी की AINRC अपनी सत्ता कायम रखने की कोशिश में है।
असम, केरल, पुडुचेरी में चुनाव की बड़ी बातें
- तीन राज्यों की 296 सीटों पर मतदान: असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में कुल मिलाकर 296 सीटों पर एक ही चरण में मतदान आज हो रहे हैं। असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 सीटों पर वोटिंग है।
- असम पर नजर: में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। भाजपा ने यूसीसी लागू करने, दो लाख नौकरियां देने, अवैध प्रवासियों को बाहर करने, कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 5 लाख करोड़ रुपये और बीहू, दुर्गा पूजा पर दो एलपीजी सिलेंडर देने का वादा किया है। पश्चिम एशिया संकट के बीच गैस की कमी की खबरों को देखते हुए भाजपा की ओर से ये एक बड़ा कदम था।
- असम में भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने: की भूमि और संस्कृति को ‘मिया’ घुसपैठियों से बचाने के भाजपा के वादे भी सुर्खियों में रहे हैं। असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ‘मिया’ शब्द को बांग्लादेशी मूल के घुसपैठिये मुसलमानों के लिए करते हैं। दूसरी ओर कांग्रेस ने सरमा और भाजपा पर ‘नफरत की राजनीति’ फैलाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा सीएम सरमा की पत्नी के पास तीन पासपोर्ट होने के कांग्रेस के आरोप भी सुर्खियों में रहे और इस पर खूब बयानबाजी हुई। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के परिवार की वित्तीय स्थिति की जांच की मांग भी की है।
- कौन कितनी सीटों पर लड़ रहा चुनाव: असम में भाजपा 90 सीटों पर, असम गण परिषद 26 सीटों पर और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट 11 सीटों पर चुनाव लड़ रही। वहीं कांग्रेस ने लोकसभा सांसद गौरव गोगोई को अपना चुनाव प्रचार नेतृत्व करने के लिए चुना, और वह 99 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। जबकि गठबंधन के तहत रायजोर दल के लिए 13 सीटें, असम जातीय परिषद के लिए 10 सीटें और छह सीटें अन्य छोटी पार्टियों के लिए उसने छोड़ी है।
- असम में कितने मतदाता: असम में कुल 2.5 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.25 करोड़ पुरुष, 1.25 करोड़ महिलाएं और 343 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। खास बात यह है कि 18-19 वर्ष आयु वर्ग के करीब 5.75 लाख युवा पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। असम की 126 सीटों के लिए 722 उम्मीदवार मैदान में हैं और यहां बहुमत का आंकड़ा 64 है।
- केरल में 140 सीटों पर मतदान: बात केरल की करें तो यहां 140 सीटों के लिए 833 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। यहां मुख्य राजनीतिक दलों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। सरकार बनाने के लिए 71 सीटों का बहुमत जरूरी है। राज्य में कुल 2.71 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 थर्ड जेंडर वोटर्स शामिल हैं।
- केरल से कांग्रेस को उम्मीदें: केरल में मुख्यमंत्री पिनारई विजयन के नेतृत्व में वामपंथी गठबंधन एलडीएफ अपने 10 साल के शासन रिकॉर्ड को प्रमुखता के साथ पेश कर रहा है। वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने वाम मोर्चे पर व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है और दिसंबर में पंचायत, निकाय चुनावों में मिली बड़ी जीत से उसे काफी मजबूती मिली है।
- केरल में भाजपा कहां है: भाजपा की कोशिश इस चुनाव में केरल में अपना प्रभाव और बढ़ाने की होगी। भाजपा ने पिछले कुछ चुनावों में केरल में अपने वोट शेयर में सुधार किया है, लेकिन विधानसभा की कोई भी सीट नहीं जीती है।
- पुडुचेरी में 30 सीट: यहां आज 30 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, जिनमें से 5 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। यहां सरकार बनाने के लिए 16 सीटों का बहुमत जरूरी है। कुल 9.44 लाख मतदाताओं में लगभग 4.43 लाख पुरुष, 5 लाख महिलाएं और 139 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
- पुडुचेरी में कौन है मुकाबले में: यहां मुकाबला भाजपा और एआईएडीएमके से गठबंधन वाली मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी की एआईएनआर कांग्रेस का कांग्रेस-डीएमके गठबंधन से है। अभिनेता विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कजगम टीवीके’ भी इस चुनाव से पहली बार मैदान में उतरेगी। हालांकि उसका ध्यान मुख्य रूप से तमिलनाडु चुनाव पर है।
(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)
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