Friday, March 20, 2026
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Assembly Election: पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान; असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु की तारीखों का भी ऐलान

इस बार पश्चिम बंगाल में दो चरण में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। यह दिलचस्प इसलिए है कि पिछली बार बंगाल में 8 चरण में विधानसभा चुनाव कराए गए थे।

नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग ने देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। आयोग ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनावी तारीखों का ऐलान किया। पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में मतदान होंगे। जबकि अन्य जगहों- केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में एक-एक चरण में विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे। पांचों विधानसभाओं का कार्यकाल इसी साल मई में खत्म हो रहा है।

आयोग ने बताया कि मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत करने के लिए सभी पांच राज्यों (चार राज्य, एक केंद्र शासित प्रदेश-पुडुचेरी) में विधानसभा चुनाव के दौरान सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की सुविधा रहेगी। इन पांच राज्यों में होने वाले चुनाव में कुल 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। कुल 824 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले मतदान के लिए 2.19 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।

पश्चिम बंगाल में दो चरण में मतदान

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए बताया कि इस बार पश्चिम बंगाल में दो चरण में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। यह दिलचस्प इसलिए है कि पिछली बार बंगाल में 8 चरण में विधानसभा चुनाव कराए गए थे। बंगाल के अलावा इस बार तमिलनाडु में 23 अप्रैल, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा। असम में भी 9 अप्रैल को एक चरण में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान कराया जाएगा। इन सभी चुनाव के नतीजे 4 मई को एकसाथ आएंगे।

बंगाल में पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं, दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा।

चुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल में कुल 6.44 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें पुरुष मतदाता 3.28 करोड़, महिला मतदाता 3.16 करोड़ और थर्ड जेंडर 1152 मतदाता हैं। अगर फर्स्ट टाइम वोटर (18-19 साल) की बात करें तो उनकी संख्या 5.23 लाख है। 20 से 29 वर्ष आयु वर्ग के वोटरों की संख्या 1.31 करोड़ है। 85 साल से अधिक उम्र वाले मतदाता 3.79 लाख हैं। दिव्यांग वोटरों की संख्या 4.16 लाख है।

पश्चिम बंगाल का चुनावी माहौल क्या है?

पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा। 294 विधानसभा सीटों वाले पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा में आमने-सामने की टक्कर है। साल 2021 में ममता के नेतृत्व में टीएमसी को 213 सीटों पर जीत मिली थी। पार्टी को लगभग 48 प्रतिशत वोट मिले थे।

बहरहाल, दूसरी ओर इस बार सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा अपने अन्य एनडीए सहयोगियों की बदौलत ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने की तैयारी में है। भाजपा सत्ता हासिल करने के बाद एनआरसी लागू करने और भ्रष्टाचार विरोधी उपायों का वादा कर रही है। वहीं, वाम-कांग्रेस गठबंधन भी इस चुनावी लड़ाई में ताल ठोक रहे हैं।

हाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर बंगाल में विवाद खूब देखने को मिला है। भाजपा का दावा है कि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में लाखों फर्जी मतदाताओं (रोहिंग्या और घुसपैठिए) को आखिरकार हटा दिया गया है, जबकि टीएमसी इसे अल्पसंख्यक उत्पीड़न करार दे रही है। चुनाव में यह मुद्दा बड़ा फैक्टर साबित हो सकता है।

पश्चिम बंगाल की कुल आबादी में मुसलमानों की संख्या लगभग 30 प्रतिशत है। राज्य विधानसभा में 294 सीटें हैं और लगभग 40 से 50 निर्वाचन क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण 24 परगना और बीरभूम जैसे जिलों में मुस्लिम आबादी सबसे अधिक है। इनमें से कई निर्वाचन क्षेत्रों में, मतदाताओं में से 50 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम हैं, जिससे चुनावी परिणामों को निर्धारित करने में उनका वोट एक महत्वपूर्ण कारक बन जाता है।

असम का चुनावी हाल

असम में 126 विधानसभा सीटें हैं। यहां सभी सीटों पर एक साथ 9 अप्रैल को मतदान कराए जाने की घोषणा हुई है। असम में भारतीय जनता पार्टी के हिमंता बिस्वा सरमा तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने की कोशिश में हैं। वहीं, विपक्षी पार्टी कांग्रेस अपनी स्थिति मजबूत करने की उम्मीद में असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के नेतृत्व में चुनाव प्रचार कर रही है।

कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए अब तक उम्मीदवारों की दो सूचियां जारी की हैं, जिनमें कुल 65 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। पार्टी की दूसरी सूची में अब्दुल खालिक, रकीबुद्दीन अहमद और बिपुल गोगोई सहित 23 उम्मीदवारों के नाम हैं, जबकि 15 सीटों को गठबंधन सहयोगियों के लिए सीट-बंटवारे की व्यवस्था के तहत आरक्षित किया गया है।

पार्टी की पहली सूची में 42 उम्मीदवारों के नाम शामिल थे। इस लिस्ट में जोरहाट से राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, नाजिरा से विपक्ष के नेता देबब्रता सैकिया, हाजो-सुआलकुची से मौजूदा विधायक नंदिता दास और बरखेतरी से दिगांता बर्मन जैसे प्रमुख नेता शामिल थे।

बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाले ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने भी अपने 9 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है और उसके 126 सीटों में से लगभग 25 सीटों पर चुनाव लड़ने की उम्मीद है। वहीं, सत्ताधारी भाजपा ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की सूची घोषित नहीं की है।

इससे पहले 2021 के चुनावों में भाजपा, असम गण परिषद और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल के राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन ने 75 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा 60 सीटों के साथ सबसे बड़ा सहयोगी दल बनकर उभरी थी।

तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी का चुनावी हाल

तमिलनाडु में मतदान 23 अप्रैल को एक ही चरण में होंगे। तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा के चुनाव में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) का मुकाबला विपक्षी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और भाजपा गठबंधन से है।

अगर तमिलनाडु के मतदाताओं की बात करें तो कुल संख्या 5.67 करोड़ है। पुरुष मतदाता 2.77 करोड़, महिला मतदाता 2.89 और थर्ड जेंडर मतदाता 7617 हैं।

बात केरल की करें तो यहां मतदान 9 अप्रैल को एक ही चरण में होंगे। 140 विधानसभा सीटों वाले केरल में मुख्य तौर पर मुकाबला मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन की CPI(M) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के बीच माना जा रहा है।

एलडीएफ लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश में है, लेकिन बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर उसे सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है। केरल में इस बीच भाजपा का लक्ष्य भी हिंदू मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ को मजबूत करना है। हालांकि, भाजपा कोई बड़ा फैक्टर केरल में बन पाएगी, इसकी उम्मीद बहुत कम है।

केरल में कुल मतदाता 2.70 करोड़ हैं, जिनमें पुरुष 1.31 करोड़, महिला 1.38 करोड़ और थर्ड जेंडर 277 मतदाता हैं। 20 से 29 साल की आयु वाले मतदाता 45 लाख हैं, जबकि 18 से 19 की आयु वाले मतदाता 4.24 लाख हैं। पुडुचेरी में कुल मतदाता 9.44 लाख हैं, जिनमें 4.43 लाख पुरुष, 5 लाख महिला और 139 थर्ड जेंडर वोटर हैं।

केरल के बाद पुडुचेरी की बात करें तो यहां भी चुनाव 9 अप्रैल को एक ही चरण में होंगे। यह केंद्र शासित प्रदेश है। यहां 30 विधानसभा सीटों की चुनावी दौड़ में एन रंगासामी की AINRC-BJP NDA (2021 में 20 सीटें) का मुकाबला कांग्रेस-डीएमके से है।

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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