मुंबईः दिग्गज गायिका आशा भोसले का रविवार, 12 अप्रैल को मुंबई में निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं। आशा ने ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां उन्हें शनिवार, 11 अप्रैल को कमजोरी और चेस्ट इंफेक्शन के कारण भर्ती कराया गया था। पद्मभूषण से सम्मानित आशा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्रीय मंत्रियों शोक जताया है। वहीं, बॉलीवुड भी आशा ताई के निधन पर गमगीन है।
बता दें कि आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने उनके निधन की पुष्टि की। उन्होंने यह भी बताया कि उनका अंतिम संस्कार 13 अप्रैल की शाम 4 बजे होगा।
पीएम मोदी समेत बॉलीवुड की हस्तियों ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की सबसे मशहूर और बहुमुखी आवाजों में से एक, आशा भोसले के निधन पर दुख जताते हुए एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “दशकों तक चली उनकी असाधारण संगीत यात्रा ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। चाहे उनकी दिल को छू लेने वाली धुनें हों या उनकी जोश भर देने वाली रचनाएं, उनकी आवाज में हमेशा एक बेमिसाल चमक रही। उनके साथ हुई मेरी मुलाकातों की यादें मैं हमेशा संजोकर रखूंगा।”
उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत हमेशा लोगों के जीवन में गूंजते रहेंगे।
बॉलीवुड की दिग्गज हस्तियों ने भी आशा ताई को श्रद्धांजलि दी। एक्टर अक्षय कुमार ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “आशा भोसले जी के निधन पर मुझे जो क्षति महसूस हुई है उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उनकी सुरीली आवाज हमेशा हमेशा के लिए अमर रहेगी। ओम शांति।”
इसके अलावा काजोल, राजपाल यादव, करन जौहर समेत बॉलीवुड की तमाम हस्तियों ने शोक जताया।
वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत कई नेताओं ने आशा ताई के निधन पर दुख व्यक्त किया है।
आशा ताई का करियर
आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर, 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में पंडित दीनानाथ मंगेशकर और उनकी पत्नी शेवंती के घर हुआ था। वह पांच भाई-बहनों में से एक थीं। पंडित दीनानाथ क्लासिकल सिंगर और एक्टर थे। उनके निधन के समय आशा भोसले महज नौ साल की थीं। इसके बाद परिवार कोल्हापुर और फिर मुंबई चला गया, जहां भोसले और उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर ने सिंगर और एक्टर के तौर पर फिल्मों में अपना करियर शुरू किया। वहीं, 1943 में आशा भोसले ने मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ के लिए अपना हिट गाना ‘चला चला नव बाला’ रिकॉर्ड किया। भोसले ने हिंदी फिल्मों में एक सिंगर के तौर पर 1948 में आई फिल्म ‘चुनरिया’ के गाने ‘सावन आया’ से डेब्यू किया था।
सात दशकों से अधिक के करियर में आशा भोसले भारतीय सिनेमा की सबसे बहुमुखी और प्रतिभाशाली आवाजों में से एक के रूप में उभरीं। उन्होंने हिंदी, मराठी, बंगाली और गुजराती सहित विभिन्न भाषाओं में 12,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए। साथ ही, कई अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ भी काम किया। शास्त्रीय और गजलों से लेकर कैबरे और पॉप तक, विभिन्न शैलियों में सहजता से गाते हुए, उन्होंने अपने साहसिक और प्रयोगात्मक अंदाज से प्लेबैक सिंगिंग को नया रूप दिया। जहां उनकी बहन लता मंगेशकर मधुरता और संयम की प्रतीक थीं। वहीं, भोसले की अडैप्ट करने की क्षमता और वैश्विक स्तर पर किए गए प्रयासों ने भारतीय और विश्व संगीत में एक अद्वितीय और अमिट विरासत छोड़ी।
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