Friday, March 20, 2026
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क्या प्राइवेट नहीं हैं आपके व्हाट्सऐप मैसेज? अमेरिकी कोर्ट में Meta के खिलाफ मुकदमा

मुकदमे में कहा गया है कि मेटा और व्हाट्सऐप अरबों यूजर्स को यह भरोसा दिलाते रहे हैं कि उनकी चैट पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई तीसरा पक्ष नहीं पढ़ सकता।

अमेरिका में मेटा (Meta Platforms) के खिलाफ दायर एक बड़े मुकदमे ने व्हाट्सऐप की प्राइवेसी और उसके ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस केस में आरोप लगाया गया है कि मेटा और व्हाट्सऐप यूजर्स की निजी बातचीत को स्टोर करते हैं, उसका विश्लेषण करते हैं और जरूरत पड़ने पर उन तक पहुंच भी रखते हैं। हालांकि कंपनी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें “बेबुनियाद और काल्पनिक कहानी” करार दिया है।

यह मुकदमा अमेरिका की सैन फ्रांसिस्को स्थित यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दायर किया गया है। इसमें ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, भारत, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के यूजर्स शामिल हैं। वादियों ने अदालत से इसे क्लास-एक्शन मुकदमा घोषित करने की मांग की है, ताकि दुनिया भर के व्हाट्सऐप यूजर्स इस कानूनी लड़ाई का हिस्सा बन सकें।

क्या हैं आरोप?

मुकदमे में कहा गया है कि मेटा और व्हाट्सऐप अरबों यूजर्स को यह भरोसा दिलाते रहे हैं कि उनकी चैट पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई तीसरा पक्ष नहीं पढ़ सकता। लेकिन हकीकत में कंपनी यूजर्स की बातचीत को स्टोर करती है, उसका विश्लेषण करती है और कर्मचारियों को उन तक पहुंच भी मिल सकती है।

वादी पक्ष का दावा है कि ऐप के भीतर दिखाया जाने वाला यह संदेश कि “इस चैट को केवल इसमें शामिल लोग ही पढ़ सकते हैं”, पूरी तरह भ्रामक है और यूजर्स को गुमराह करने के बराबर है। शिकायत में यहां तक कहा गया है कि इन कथित गतिविधियों का खुलासा कुछ व्हिसलब्लोअर्स की मदद से हुआ, हालांकि उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

आरोपों पर मेटा ने क्या कहा है?

व्हाट्सऐप लंबे समय से ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताता रहा है। कंपनी का कहना है कि इस तकनीक के जरिए मैसेज केवल भेजने वाला और पाने वाला ही पढ़ सकता है, यहां तक कि खुद व्हाट्सऐप या उसकी पैरेंट कंपनी मेटा भी नहीं।

मेटा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि यह मुकदमा निराधार है और कंपनी इसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने कहा, “यह कहना कि व्हाट्सऐप के मैसेज एन्क्रिप्टेड नहीं हैं, पूरी तरह गलत और हास्यास्पद है। व्हाट्सऐप पिछले एक दशक से सिग्नल प्रोटोकॉल पर आधारित एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल कर रहा है। यह मुकदमा महज एक काल्पनिक कहानी है।”

कंपनी ने यह भी कहा है कि वह वादियों के वकीलों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई (सैंक्शन) की मांग करेगी।

व्हाट्सऐप का सफर

व्हाट्सऐप की स्थापना 2009 में जान कूम और ब्रायन एक्टन ने की थी। शुरुआत में यह केवल iOS यूजर्स के लिए उपलब्ध था, लेकिन 2010 में एंड्रॉयड वर्जन भी लॉन्च किया गया। चार साल के भीतर ही इसके 20 करोड़ मासिक सक्रिय यूजर्स हो गए।

2014 में फेसबुक (अब मेटा) ने व्हाट्सऐप को 19 अरब डॉलर में खरीद लिया। उस समय फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा था कि यह अधिग्रहण उनकी इंटरनेट.ऑर्ग पहल से जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को इंटरनेट से जोड़ना था।

आज व्हाट्सऐप दुनिया का सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप है, जिसके 3 अरब से ज्यादा मासिक सक्रिय यूजर्स हैं। इनमें से करीब 10 करोड़ यूजर्स अकेले अमेरिका में हैं।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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