रायपुरः केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फिर कहा है कि बस्तर ही नहीं पूरे भारत से नक्सलवाद मार्च 2026 तक खत्म हो जाएगा। शाह शनिवार को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल हुए।
गृहमंत्री शाह ने भरोसा जताया कि अगल 5 साल में बस्तर संभाग देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। बस्तर ओलंपिक में इस बार क्षेत्र के 3 लाख 91 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। तीन दिवसीय खेल उत्सव में नक्सलवाद छोड़कर मुख्यधारा में जुड़ चुके 700 से अधिक युवाओं ने भी भाग लिया।
बस्तर ओलंपिक समारोह में क्या बोले अमित शाह?
नक्सलमुक्त बस्तर में होगा अगला आयोजन: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया। अमित शाह ने कहा कि हमने तय किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से लाल आतंक को खत्म कर देंगे और आज बस्तर ओलंपिक- 2025 में हम इस कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नवंबर-दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक- 2026 के समय तक पूरे भारत और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक समाप्त हो चुका होगा और नक्सलमुक्त बस्तर आगे बढ़ रहा होगा।
बस्तर संभाग बनेगा देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग: अमित शाह ने कहा कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त करने के साथ कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के 7 जिलों का संभाग बस्तर को 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनाना है। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाना हमारी सरकार का संकल्प है।
पूर्व नक्सलियों ने लिया हिस्सा
पूर्व नक्सलियों ने भी लिया हिस्सा: अमित शाह ने कहा कि बस्तर ओलंपिक-2025 में सात जिलों की सात टीमें और एक टीम आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की थी। उन्होंने कहा कि जब 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने इन खेलों में भाग लिया तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के झांसे में आकर उनका पूरा जीवन तबाह हो जाता। शाह ने दोहराया कि 31 मार्च, 2026 को यह देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने हिंसा में लिप्त नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि अब भी गुमराह होकर हमारे ही जो लोग हाथ में हथियार लेकर बैठे हैं, वो हथियार डाल दें। पुनर्वसन नीति का फायदा उठाएं। अपने और अपने परिवार के कल्याण के बारे में सोचें और विकसित बस्तर के संकल्प के साथ जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होता न हथियार उठाने वाले लोगों का न आदिवासियों और न सुरक्षाबलों का। उन्होंने कहा कि सिर्फ शांति ही विकास का रास्ता प्रशस्त कर सकती है।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का बस्तर में होगा आयोजन: शाह ने कहा कि पिछले वर्ष बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इस वर्ष 3 लाख 91 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया है जो लगभग ढाई गुना की वृद्धि है। बहनों की प्रतिभागिता में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह उत्साह देखकर आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री मोदी ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ को चुना है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर अब बदल रहा है और बस्तर अब भय नहीं भविष्य का पर्याय बन चुका है जहां गोलियों की गूंज सुनाई देती थी वहां आज स्कूल की घंटियां बज रही हैं।

