नई दिल्लीः राजधानी दिल्ली के लाल किले में हुए विस्फोट के दो हफ्ते हो चुके हैं। इस हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले में अल-फलाह विश्वविद्यालय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जांच के दायरे में है। जांच एजेंसियों ने कई व्यक्तियों और संस्थाओं को जांच के दायरे में लिया है और पूछताछ जारी है जो कथित तौर पर उस “सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल” से जुड़े थे। इस हमले के तार इंडियन मुजाहिद्दीन से भी जोड़े जा रहे हैं।
लाल किले के पास हुए धमाके में अल फलाह विश्वविद्यालय के साथ इसके मालिक और अन्य लोग भी जांच के दायरे में हैं। इसमें डॉ. उमर उन नबी भी शामिल है जो कार चला रहा था। वह भी मेडकल यूनिवर्सिटी से जुड़ा था।
सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी एक अन्य घटना में जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन में नौ लोग मारे गए थे। इस दौरान फरीदाबाद से प्राप्त विस्फोटक सामग्री की फोरेंसिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा नमूना लेते वक्त फट गया था।
जांच एजेंसियों ने अब तक क्या पता लगाया है?
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अब तक की गई जांच में सफेदपोश मॉड्यूल में पांच डॉक्टर जुड़े पाए गए गए हैं। इन्हें आतंकी हमलों के लिए कथित तौर पर 26 लाख रुपए मिले हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, हमले का मुख्य आरोपी मुजम्मिल ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से बताया कि समूह ने विस्फोटक और रिमोट ट्रिगरिंग उपकरण खरीदने में लगभग दो साल बिताए थे।
अब तक मुजम्मिल के साथ में शाहीन शाहिद और अदील राठेर को गिरफ्तार किया गया है। राथेर के भाई मुजफ्फर के भी नेटवर्क में शामिल होने का संदेह है। उसके अफगानिस्तान में होने की संभावना है। वहीं, अधिकारी निसार-उल-हसन की भी तलाश कर रहे हैं। वह भी उमर, मुजम्मिल और शाहिद के साथ अल-फलाह विश्वविद्यालय में काम कर रहा था।
अल फलाह विश्वविद्यालय के कथित तौर पर आतंकवादी गुर्गों से लंबे समय से संबंध रहे हैं। इंडियन मुजाहिदीन का भगोड़ा मिर्जा शादाब बेग, जो 2008 में हुए कई विस्फोटों के लिए वांछित था। फरीदाबाद स्थित इस विश्वविद्यालय का पूर्व छात्र था जहां से उसने 2007 में इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन में बी.टेक की पढ़ाई पूरी की थी जैसा कि पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उस पर ₹1 लाख का इनाम भी है।
इंडियन मुजाहिद्दीन से जुड़े तार
दिल्ली विस्फोट ने लापता आईएम (इंडियन मुजाहिद्दीन) आतंकवादी की ओर ध्यान आकर्षित किया है क्योंकि जांचकर्ताओं को बेग और दिल्ली लाल किला विस्फोट मामले के बीच नए संबंध मिले हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि लगभग दो दशक के अंतराल पर घटित हुई इन दोनों घटनाओं के बीच संबंध की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
अल फलाह विश्वविद्यालय के संस्थापक मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में जांच अधिकारियों की जाँच का सामना कर रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोप लगाया है कि उन्होंने “बेईमानी” तरीके से ₹415 करोड़ से ज्यादा की धनराशि अर्जित की। जांच एजेंसी ने कहा कि सिद्दीकी और अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट ने NAAC और UGC मान्यता के झूठे दावों के ज़रिए छात्रों और अभिभावकों को गुमराह करके अपराध की कमाई से यह धनराशि अर्जित की।

