मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के संस्थापक शरद पवार ने शनिवार को संकेत दिया कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद दोनों एनसीपी दलों के विलय की प्रक्रिया रूक गई है। उन्होंने बताया कि अजित पवार की इच्छा थी कि यह विलय 12 फरवरी को हो जाए। शरद पवार के अनुसार यह अजीत पवार की इच्छा थी। इसके बावजूद अब अजित पवार खेमे के नेता विलय के इच्छुक नहीं हैं।
अजित पवार के निधन के बाद तेजी से घट रहे राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में शरद पवार ने कहा कि चार महीने से चल रही विलय वार्ता बाधित हो गई है। इससे पार्टी के भविष्य की दिशा को लेकर अनिश्चितता पैदा हुई है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी – शरदचंद्र पवार (एनसीपी-एसपी) नेता शरद पवार ने कहा, ‘दुर्भाग्यवश, अजित पवार के विमान दुर्घटना ने विलय वार्ता को रोक दिया है।’ उन्होंने आगे कहा कि एकता की साझा इच्छा थी। पवार ने कहा, ‘हमारी भी यही इच्छा है कि दोनों पक्ष एक साथ आएं।’
पवार की ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अटकलें लगाई जा रही हैं कि दिवंगत अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार द्वारा उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की जल्दबाजी अजित पवार के नेतृत्व वाले एनसीपी गुट की चिंताओं की वजह से है। सूत्रों के अनुसार अजित पवार गुट के नेता निजी तौर पर कहते हैं कि यह कदम दूसरे गुट के विलय को आगे बढ़ाने के दबाव और इस बढ़ते एहसास के कारण उठाया गया था कि एक मजबूत पावर सेंटर के बिना पार्टी भटक सकती है और एकता खो सकती है।
शरद पवार ने कहा, ‘शायद यह भावना है कि किसी को एनसीपी की जिम्मेदारी लेनी होगी और संभवतः इसी कारण से यह ताजा घटनाक्रम (सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण समारोह) हो रहा है।’ बताया जा रहा है कि सुनेत्रा पवार शनिवार शाम 5 बजे शपथ लेंगी।
12 फरवरी को होना था विलय का ऐलान
शरद पवार ने कहा कि अजित पवार ने विलय के लिए 12 फरवरी की संभावित तिथि प्रस्तावित की थी और वे चर्चाओं में सक्रिय रूप से शामिल थे। शरद पवार ने बातचीत से खुद को अलग करते हुए कहा कि वे इसमें सीधे तौर पर शामिल नहीं थे। उन्होंने कहा, ‘हालांकि मैं विलय की वार्ताओं में शामिल नहीं था, लेकिन यह मेरी पार्टी के जयंत पाटिल और एनसीपी के अजित पवार के बीच चल रही थी।’
जब उनसे पूछा गया कि क्या सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण करना गैरजरूरी जल्दबाजी का संकेत है, तो एनसीपी संस्थापक ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि इसमें कोई जल्दबाजी है या नहीं।’ उन्होंने आगे कहा कि शपथ ग्रहण की मांग ‘संभवतः उनकी पार्टी (अजित पवार गुट) के भीतर से ही आई थी।’
इससे पहले एकनाथ खडसे ने शुक्रवार को कहा कि बातचीत तीन से चार महीने से चल रही थी। उन्होंने कहा, ‘यह लगभग तय हो गया था कि विलय होगा। विलय की घोषणा करने का प्लान था।’
वहीं, राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने अपने बयान में कहा कि अजित पवार चाहते थे कि विलय हो। जयंत पाटिल ने भी मीटिंग की। दोनों गुटों को अजित दादा की इच्छा के अनुसार एक साथ आने की जरूरत है।
गौरतलब है कि जुलाई 2023 में एनसीपी दो गुटों में बंट गई थी, जब अजित पवार एनसीपी के 54 विधायकों में से 40 से अधिक विधायकों को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल हो गए। इसी फूट के बाद शरद पवार ने अपने गुट का नाम राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी – शरदचंद्र पवार रखा।
सुनेत्रा पवार का आज शपथग्रहण
फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार एनसीपी की आज दोपहर लगभग दो बजे अहम बैठक होगी, जिसमें सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नया नेता चुना जाएगा। जानकारी के अनुसार, अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार शनिवार को शाम 5 बजे उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगी। वह राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री होंगी।
पार्टी नेताओं के अनुसार सुनेत्रा पवार द्वारा नई जिम्मेदारी स्वीकार करने की सहमति के बाद एनसीपी ने विधानसभा की बैठक 31 जनवरी को आयोजित करने का निर्णय लिया है। वह वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं। उनके औपचारिक चुनाव के बाद, राज्य एनसीपी प्रमुख सुनील तटकरे मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को एक औपचारिक पत्र भेजकर उन्हें उपमुख्यमंत्री के रूप में राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने का आग्रह करेंगे।

