Friday, March 20, 2026
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अजित पवार से लेकर जहांगीर भाभा तक, इन प्रमुख हस्तियों ने हवाई हादसों में गंवाई जान

भारत ने पिछले कुछ दशकों में कई ऐसे दिग्गज नेताओं, कुशल प्रशासकों और उभरते सितारों को हवाई हादसों में खोया है, जिन्होंने अपने राज्यों और देश के भविष्य को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। चाहे वह संजय गांधी का 1980 का हादसा हो या माधवराव सिंधिया और वाईएसआर रेड्डी की असामयिक मृत्यु, इन घटनाओं ने बार-बार यह साबित किया है कि तकनीकी खराबी या खराब मौसम के सामने मानवीय शक्ति कितनी विवश है।

भारत में समय-समय पर हुए विमान और हेलीकॉप्टर हादसों ने देश को बार-बार गहरे शोक में डुबोया है। इन दुर्घटनाओं में कई बड़े राजनेता, मंत्री, सेना के वरिष्ठ अधिकारी और चर्चित हस्तियां असमय काल का शिकार हुईं। खराब मौसम, तकनीकी खराबी और मानवीय चूक जैसे कारण अक्सर इन त्रासद घटनाओं की वजह बने।

इन हादसों ने सिर्फ राजनीति और प्रशासन को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को भीतर तक झकझोर दिया। कई मामलों में जांच के बाद सुरक्षा मानकों को सख्त किया गया, प्रक्रियाओं में बदलाव किए गए और तकनीक को बेहतर बनाया गया, लेकिन इसके बावजूद हवाई यात्रा को पूरी तरह जोखिममुक्त बनाना अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

आइए नजर डालते हैं उन प्रमुख भारतीय नेताओं और हस्तियों पर, जिनकी मौत विमान या हेलीकॉप्टर हादसों में हुई-

अजित पवार (2026)

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार की बुधवार सुबह बारामती में विमान दुर्घटना में मौत हो गई। वह मुंबई से एक चार्टर्ड विमान से बारामती जा रहे थे, जहां उन्हें जिला परिषद चुनावों को लेकर चार जनसभाओं को संबोधित करना था। लैंडिंग के दौरान विमान संतुलन खो बैठा और रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में उनके सुरक्षा कर्मी और विमान क्रू के सदस्य भी मारे गए। उनके निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है।

विजय रूपाणी (2025)

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का 12 जून 2025 को अहमदाबाद में एक भयावह विमान हादसे में निधन हो गया था। वह लंदन जा रही एक अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट में सवार थे, जो सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही पलों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की जान चली गई थी। यह भारत के सबसे भीषण विमान हादसों में से एक माना जाता है।

सीडीएस जनरल बिपिन रावत (2021)

भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत का 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कन्नूर के पास हुए हेलीकॉप्टर हादसे में निधन हो गया। वह अपनी पत्नी और 11 अन्य लोगों के साथ सुलूर से वेलिंगटन जा रहे थे।

हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सभी सवारों की मौत हो गई। जनरल रावत भारतीय सेना के एक बेहद सम्मानित अधिकारी थे और तीनों सेनाओं के समन्वय को मजबूत करने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक मानी जाती है।

दोरजी खांडू (2011)

अरुणाचल प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री दोरजी खांडू की 30 अप्रैल 2011 को हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई थी। वह तवांग से ईटानगर जा रहे थे, तभी पश्चिम कामेंग जिले में उनका हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में उनके साथ चार अन्य लोग भी मारे गए थे। कई दिनों तक चले तलाशी अभियान के बाद मलबा बरामद किया गया था।

वाई. एस. राजशेखर रेड्डी (2009)

आंध्र प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी, जिन्हें वाईएसआर के नाम से जाना जाता था, की 2 सितंबर 2009 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। उनका हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण नल्लामाला के घने जंगलों में गिर गया था। इस हादसे ने पूरे आंध्र प्रदेश को गहरे शोक में डुबो दिया था।

ओमप्रकाश जिंदल और सुरेंद्र सिंह (2005)

उद्योगपति और हरियाणा सरकार में मंत्री ओमप्रकाश जिंदल तथा कृषि मंत्री सुरेंद्र सिंह की 2005 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। उनका हेलीकॉप्टर दिल्ली से चंडीगढ़ जाते समय उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह हादसा देश की राजनीति के लिए बड़ा झटका साबित हुआ था।

सौंदर्या (2004)

दक्षिण भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री के. एस. सौम्या, जिन्हें फिल्मी दुनिया में सौंदर्या के नाम से जाना जाता था, की 17 अप्रैल 2004 को एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। वह अपने भाई के साथ बेंगलुरु से करीमनगर जा रही थीं, जब उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सौंदर्या की असमय मौत ने पूरे फिल्म जगत को गहरे सदमे में डाल दिया था।

सिप्रियन संगमा (2004)

मेघालय के ग्रामीण विकास मंत्री सिप्रियन संगमा की 22 सितंबर 2004 को एक हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई थी। वह गुवाहाटी से शिलांग जा रहे थे, तभी बारापानी झील के पास उनका हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में कुल 10 लोगों की जान चली गई थी।

जीएमसी बालयोगी (2002)

लोकसभा अध्यक्ष और तेलुगु देशम पार्टी के वरिष्ठ नेता जीएमसी बालयोगी की 3 मार्च 2002 को एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। वह आंध्र प्रदेश के भीमावरम से उड़ान भर रहे थे, तभी कृष्णा जिले के कैकालुर के पास उनका हेलीकॉप्टर एक तालाब में गिर गया।

डेरा नाटुंग (2001)

अरुणाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री डेरा नाटुंग की 8 मई 2001 को हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई। वे ईटानगर से पश्चिम कामेंग जा रहे थे, जब खराब मौसम के चलते उनका हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

माधवराव सिंधिया (2001)

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री माधवराव सिंधिया की 30 सितंबर 2001 को एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। वह उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक राजनीतिक रैली को संबोधित करने जा रहे थे, तभी खराब मौसम के कारण उनका विमान मैनपुरी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

एनवीएन सोमु (1997)

रक्षा राज्य मंत्री एनवीएन सोमु का 14 नवंबर 1997 को अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में निधन हो गया। इस दुर्घटना में तीन सैन्यकर्मी भी मारे गए।

संजय गांधी (1980)

कांग्रेस नेता और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी की 23 जून 1980 को एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। वह दिल्ली फ्लाइंग क्लब के एक छोटे विमान से करतब दिखाने की कोशिश कर रहे थे, तभी सफदरजंग एयरपोर्ट के पास विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

गुरनाम सिंह (1973)

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री गुरनाम सिंह का 31 मई 1973 को दिल्ली में हुए विमान हादसे में निधन हो गया। इंडियन एयरलाइंस का बोइंग 737 विमान चेन्नई से दिल्ली आ रहा था, जो पालम एयरपोर्ट पर उतरने से पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

मोहन कुमारमंगलम (1973)

केंद्रीय इस्पात और खान मंत्री मोहन कुमारमंगलम की भी 31 मई 1973 को उसी विमान हादसे में मौत हो गई, जिसमें गुरनाम सिंह की जान गई थी।

होमी जहांगीर भाभा (1966)

भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक और प्रसिद्ध वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा का 24 जनवरी 1966 को एयर इंडिया की फ्लाइट 101 के हादसे में निधन हो गया। यह विमान स्विट्जरलैंड के आल्प्स पर्वत में मॉन्ट ब्लांक से टकरा गया था।इस दुर्घटना ने भारत के वैज्ञानिक जगत को अपूरणीय क्षति पहुंचाई।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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