मुंबईः एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने बुधवार (25 फरवरी) को दावा किया कि मुंबई पुलिस ने बारामती प्लेन क्रैश मामले में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने से इंकार कर दिया है। इसमें महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत हो गई थी। विधायक ने कहा कि एफआईआर दर्ज करने से इंकार करना घटना से संबंधित शक को और गहरा कर रहा है।
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि सरकार और सरकारी तंत्र किसी को संरक्षण देते हुए प्रतीत हो रहे थे।
DGCA ने चार विमानों पर उड़ान भरने से लगाई रोक
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने मंगलवार (24 फरवरी) को वीएसआर वेंचर्स के चार विमानों को उड़ान भरने से रोकने का निर्देश दिया। वीएसआर वेंचर्स का विमान 28 जनवरी को बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें अजीत पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी।
लीयरजेट 45 विमान (वीटी-एसएसके) के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद विमानन नियामक ने वीएसआर वेंचर्स का विशेष सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश दिया था। ऑडिट टीम ने विमान की उड़ान योग्यता, हवाई सुरक्षा और उड़ान संचालन के क्षेत्र में स्वीकृत प्रक्रियाओं के कई उल्लंघन पाए।
रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक संदेश पोस्ट करते हुए दावा किया, “अजित दादा के विमान दुर्घटना के संबंध में उचित कार्रवाई की प्रतीक्षा करते हुए, कल डीजीसीए की रिपोर्ट आई जिसमें कहा गया है कि यह दुर्घटना वीएसआर कंपनी की लापरवाही के कारण हुई थी।”
हालांकि इस संबंध में कोई एफआईआर दर्ज नहीं होने के कारण उन्होंने पार्टी के एमएलसी अमोल मितकारी, इदरीस नाइकवाड़ी और विधायक संदीप क्षीरसागर के साथ दक्षिण मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन जाकर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
एनसीपी (शरद पवार) विधायक ने क्या दावा किया?
उन्होंने दावा किया कि जब उनका बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई तो एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया और उनके आवेदन को केवल औपचारिकता के तौर पर स्वीकार कर लिया।
पवार ने एक पोस्ट में कहा कि “पुलिस के इस रवैये ने विमान दुर्घटना को लेकर हमारी शंका को और बढ़ा दिया है। अगर विपक्ष और सत्ताधारी दोनों दलों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की मांग के बावजूद पुलिस एफआईआर दर्ज करने की मांग को खारिज कर रही है, तो यह महाराष्ट्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और सत्ता तंत्र किसी को संरक्षण दे रहे हैं और सवाल उठाया कि अगर ऐसी स्थिति बनी रही तो अजित पवार को न्याय मिलेगा या नहीं।
एनसीपी (एसपी) विधायक ने कहा कि जब तक इस मामले का तार्किक निष्कर्ष नहीं निकल जाता, वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने आगे कहा कि गुरुवार सुबह 9 बजे उनके चाचा अजित पवार से प्यार करने वाले सभी लोग एफआईआर दर्ज कराने के लिए बारामती तालुका पुलिस स्टेशन जाएंगे।
हालांकि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) से 28 फरवरी से पहले घातक दुर्घटना पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी करने की उम्मीद है लेकिन कुछ हलकों में चिंताएं जताई गई हैं कि दुर्घटना के पीछे कोई साजिश हो सकती है।

