नई दिल्लीः महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का जेट बारामती में लैंडिंग के वक्त हादसे का शिकार हो गया जिसमें पवार समेत सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि विमान को सुबह 8 बजकर 43 मिनट पर लैंडिंग क्लीयरेंस दी गई थी और एक मिनट बाद यह हादसे का शिकार हो गया। यह एक मध्यम आकार आकार का बिजनेस जेट था।
मंत्रालय ने कहा कि लीयरजेट 45 विमान को मौसम की स्थिति देखते हुए पायलट को विमान नीचे उतारने की सलाह दी गई थी। जिसमें भूभाग और अन्य विमानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई थी। मंत्रालय ने आगे कहा कि विमान को उतारने के लिए चालक दल को बताया गया कि हवाएं शांत थी और दृश्यता लगभग 3,000 मीटर थी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बयान में क्या कहा गया?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बयान में आगे कहा गया “इसके बाद, विमान ने रनवे 11 पर अंतिम अप्रोच की सूचना दी… रनवे उन्हें दिखाई नहीं दे रहा था। उन्होंने पहले ही प्रयास में गो-अराउंड शुरू कर दिया।”
गो अराउंड के बाद विमान की स्थिति पूछी गई और चालक दल ने अंतिम अप्रोच की सूचना दी। बयान में कहा गया, “उन्हें रनवे दिखाई देने की सूचना देने के लिए कहा गया था। उन्होंने जवाब दिया, ‘रनवे अभी दिखाई नहीं दे रहा है, दिखाई देने पर सूचित करेंगे।’ कुछ सेकंड बाद, उन्होंने बताया कि रनवे दिखाई दे रहा है। विमान को रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दे दी गई… हालांकि, उन्होंने लैंडिंग क्लीयरेंस की पुष्टि नहीं की।
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इस बयान में आगे कहा गया, “इसके बाद एटीसी ने भारतीय समयानुसार सुबह 8:44 बजे रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के आसपास आग की लपटें देखीं।” इस विमान का मलबा रनवे के बाईं ओर गिरा।
इसमें कहा गया है कि बारामती एक “अनियंत्रित हवाई क्षेत्र” है जहां फ्लाइंग स्कूल एटीसी का संचालन करते हैं।
जांच का जिम्मा AAIB ने लिया
मंत्रालय ने कहा कि इस घटना की जांच का जिम्मा विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने ले लिया है। इसमें आगे कहा गया कि एएआईबी प्रमुख जांच के लिए घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं।
लीयरजेट 45 विमान दिल्ली के वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित किए जाते हैं।
हिंदुस्तान टाइम्स ने एक अधिकारी के हवाले से लिखा कि वीएसआर वेंचर्स एक गैर-निर्धारित ऑपरेटर (एनएसओपी) या एक ऐसी विमानन कंपनी है जिसे मांग के मुताबिक उड़ान भरने का लाइसेंस प्राप्त है। उन्होंने बताया कि कंपनी अपने विमानों के रखरखाव के लिए स्वयं जिम्मेदार है।
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नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बताया कि लीयरजेट45 विमान 2010 में बनाया गया था और अनुभवी पायलटों को बारामती से मुंबई के बीच 250 किमी की दूरी के लिए उड़ाकर ले गए थे।
डीजीसीए ने फरवरी 2025 में ऑपरेटर का आखिरी नियामक ऑडिट किया था और उसमें कोई लेवल-I निष्कर्ष (गंभीर सुरक्षा उल्लंघन) नहीं पाया गया था।

