Friday, March 20, 2026
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वेनेजुएला के बाद ट्रंप की कोलंबिया को सैन्य धमकी, ग्रीनलैंड और क्यूबा पर भी नजर!

डोनाल्ड ट्रंप और गुस्तावो पेट्रो के बीच पिछले कई महीनों से तनाव जारी है। पेट्रो ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लैटिन अमेरिका की संप्रभुता पर हमला और मानवीय संकट का कारण बताया जिसपर ट्रंप ने पेट्रो को अपनी खैर मनाने की चेतावनी देते हुए कहा कि वह कोकीन बनाकर अमेरिका में बेचने का काम अब लंबे समय तक नहीं कर पाएंगे।

वॉशिंगटन: वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कोलंबिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं। एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो को बीमार आदमी करार दिया और उन पर अमेरिका में कोकीन तस्करी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कहा कि वहां एक बीमार आदमी शासन कर रहा है, जो कोकीन बनाकर अमेरिका में बेचता है। ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या अमेरिका कोलंबिया के खिलाफ सैन्य अभियान चलाएगा, तो ट्रंप ने दो टूक कहा कि यह मुझे अच्छा लगता है।

ट्रंप और पेट्रो के बीच पिछले कई महीनों से तनाव जारी है। पेट्रो ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लैटिन अमेरिका की संप्रभुता पर हमला और मानवीय संकट का कारण बताया है। गुस्तावो पेट्रो ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा था कि वेनेजुएला में बीते कुछ घंटों के दौरान हुए धमाकों और असामान्य हवाई गतिविधियों की खबरें क्षेत्र में बढ़ते तनाव की ओर इशारा करती हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं।

पेट्रो ने कहा कि कोलंबिया सरकार संयुक्त राष्ट्र चार्टर में निहित सिद्धांतों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराती है। इसमें राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान, बल के प्रयोग या उसकी धमकी से परहेज और अंतरराष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोलंबिया किसी भी ऐसी एकतरफा सैन्य कार्रवाई को खारिज करता है, जो हालात को और बिगाड़े या आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाले।

पेट्रो की टिप्पणी पर ट्रंप ने काफी तीखी टिप्पणी की। ट्रंप ने पेट्रो को अपनी खैर मनाने की चेतावनी देते हुए कहा कि वह कोकीन बनाकर अमेरिका में बेचने का काम अब लंबे समय तक नहीं कर पाएंगे।

गौरतलब है कि कैरिबियन क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ी है और पेट्रो ट्रंप के सबसे मुखर अंतरराष्ट्रीय आलोचकों में रहे हैं। पिछले महीने पेत्रो ने ट्रंप को कोलंबिया आने का न्योता दिया था, ताकि वे दुनिया के सबसे बड़े कोकीन उत्पादक देश में ड्रग लैब नष्ट करने के सरकारी प्रयास देख सकें।

ग्रीनलैंड, क्यूबा पर भी नजर?

वेनेजुएला अभियान के एक दिन बाद ही ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपने पुराने बयान दोहराते दिखे। फ्लोरिडा से वॉशिंगटन लौटते वक्त उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से ग्रीनलैंड अमेरिका के लिए बेहद रणनीतिक है और वहां रूसी व चीनी जहाजों की मौजूदगी बढ़ रही है। ट्रंप ने दावा किया कि डेनमार्क ग्रीनलैंड की सुरक्षा नहीं कर सकता।

एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई ग्रीनलैंड के लिए क्या संकेत देती है, तो ट्रंप ने कहा कि उन्हें खुद इसे समझना होगा। ट्रंप प्रशासन की हालिया राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिकी वर्चस्व की बहाली को प्रमुख लक्ष्य बताया गया है। ट्रंप ने मुनरो सिद्धांत और रूजवेल्ट कोरोलरी का भी जिक्र किया, जिनका इस्तेमाल अमेरिका पहले अपने पड़ोसियों में दखल के औचित्य के लिए करता रहा है।

शनिवार रात काराकास में हुए अमेरिकी ऑपरेशन और ट्रंप के बयानों से डेनमार्क में चिंता बढ़ गई है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने साफ कहा कि ट्रंप को ग्रीनलैंड को हड़पने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि नाटो सहयोगी होने के नाते डेनमार्क पहले से ही सुरक्षा समझौतों के तहत अमेरिका को ग्रीनलैंड में व्यापक पहुंच देता है।

सोशल मीडिया पोस्ट से नाराजगी

ट्रंप ने डेनमार्क की सुरक्षा कोशिशों का मजाक उड़ाते हुए कहा कि उन्होंने ग्रीनलैंड के लिए एक और डॉग स्लेज जोड़ दी है। इसके बाद एक पूर्व ट्रंप प्रशासन अधिकारी के सोशल मीडिया पोस्ट ने ग्रीनलैंड और डेनमार्क में नाराजगी और बढ़ा दी। पोस्ट में ग्रीनलैंड को अमेरिकी झंडे के रंगों में दिखाते हुए ‘SOON’ लिखा गया था। डेनमार्क के वॉशिंगटन स्थित राजदूत ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अपने देश की क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान की मांग की।

ट्रंप ने हाल के महीनों में ग्रीनलैंड को लेकर सैन्य बल के इस्तेमाल से भी साफ इनकार नहीं किया है। हाल ही में उन्होंने रिपब्लिकन गवर्नर जेफ लैंड्री को ग्रीनलैंड के लिए विशेष दूत नियुक्त करने की घोषणा की, जिन्होंने कहा कि वे इसे अमेरिका का हिस्सा बनाने में मदद करेंगे।

क्यूबा पर भी दबाव, रूबियो की कड़ी चेतावनी

उधर, क्यूबा में भी चिंता का माहौल है। विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने चेतावनी दी कि क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार गंभीर मुश्किल में है। उन्होंने दावा किया कि मादुरो की सुरक्षा वेनेजुएला के नहीं, बल्कि क्यूबा के गार्ड कर रहे थे और आंतरिक खुफिया तंत्र भी क्यूबा के हाथ में था। ट्रंप ने कहा कि ऑपरेशन में मादुरो की सुरक्षा में तैनात कई क्यूबाई गार्ड मारे गए। क्यूबा सरकार ने अमेरिकी कार्रवाई में 32 अधिकारियों की मौत की पुष्टि की है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि मादुरो के हटने से क्यूबा की अर्थव्यवस्था और कमजोर होगी, क्योंकि वेनेजुएला उसे सस्ता तेल देता था। क्यूबा ने अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ वेनेजुएला के समर्थन में रैली बुलाई और चेतावनी दी कि यह खतरा पूरे क्षेत्र पर मंडरा रहा है।

रूबियो ने दो टूक कहा कि अमेरिका अपने पड़ोस को प्रतिद्वंद्वियों और विरोधियों का अड्डा नहीं बनने देगा। क्यूबा की एक प्रयोगशाला कर्मचारी बारबरा रोड्रिगेज ने इस पूरे घटनाक्रम को एक संप्रभु देश पर हमला बताते हुए कहा कि ऐसा किसी भी देश के साथ हो सकता है।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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