Friday, March 20, 2026
Homeविश्वजयशंकर के '75%' वाले बयान के बाद, चीन का दावा - गलवान...

जयशंकर के ‘75%’ वाले बयान के बाद, चीन का दावा – गलवान समेत 4 जगहों से पीछे हटे सैनिक

चीन ने शुक्रवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी समेच चार जगहों पर सैनिकों ने पीछे हटना शुरू कर दिया है और दोनों देशों के बीच सीमा पर स्थिति अब सामान्य और नियंत्रण में है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि रूस में हुई बैठक के दौरान भारत और चीन ने आपसी संबंधों को सुधारने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई है।

माओ निंग ने कहा, “12 सितंबर को डायरेक्टर वांग यी ने सेंट पीटर्सबर्ग में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने सीमा मुद्दों पर हुई हालिया बातचीत में हुई प्रगति पर चर्चा की और दोनों देशों के नेताओं द्वारा प्राप्त साझा समझौतों को लागू करने, आपसी समझ और विश्वास को बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए अनुकूल स्थितियाँ बनाने पर सहमति व्यक्त की।”

यह पूछे जाने पर कि क्या भारत और चीन चार साल से अपने जमे हुए संबंधों को फिर से बहाल करने के करीब हैं, माओ ने बताया कि दोनों देशों की सेनाओं ने सीमा के चार क्षेत्रों से पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। उन्होंने कहा, “पिछले कुछ सालों में, चीन-भारत सीमा के पश्चिमी सेक्टर में गलवान घाटी सहित चार क्षेत्रों में दोनों देशों की अग्रिम पंक्ति की सेनाओं ने पीछे हटने का काम किया है। चीन-भारत सीमा की स्थिति सामान्य रूप से स्थिर और नियंत्रण में है।”

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने क्या कहा था?

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि चीन के साथ लगभग 75 प्रतिशत “विवादित क्षेत्रों से पीछे हटने” के मुद्दे सुलझा लिए गए हैं, लेकिन बड़ा मुद्दा सीमावर्ती क्षेत्रों का बढ़ता सैन्यीकरण है।

जिनेवा में एक थिंक-टैंक के सत्र के दौरान, जयशंकर ने कहा कि जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़पों का असर भारत-चीन के पूरे संबंधों पर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा पर हिंसा के होते हुए अन्य संबंधों को इससे अछूता नहीं रखा जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि 2020 से दोनों देश शेष मुद्दों का समाधान निकालने के लिए बातचीत कर रहे हैं।

जयशंकर ने कहा कि “वर्तमान में ये बातचीत चल रही हैं। हमने कुछ प्रगति की है। मैं कह सकता हूं कि लगभग 75 प्रतिशत विवादित क्षेत्रों से पीछे हटने के मुद्दे हल हो गए हैं। हमें अब भी कुछ काम करना बाकी है।”

चीनी विदेश मंत्री से अजीत डोभाल ने की थी मुलाकात

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने गुरुवार को रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान महत्वपूर्ण बातचीत की। यह वार्ता भारत-चीन सीमा मुद्दों के समाधान के लिए विशेष प्रतिनिधियों के तंत्र के तहत हुई।

बैठक के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में बताया कि दोनों देशों ने पूर्वी लद्दाख में बचे हुए विवादित क्षेत्रों से सैनिकों को पूरी तरह से हटाने के लिए प्रयासों को तेज़ करने और इसे प्राथमिकता देने पर सहमति व्यक्त की है।

विदेश मंत्रालय ने इस बैठक को बचे हुए मुद्दों के समाधान के लिए हालिया कोशिशों की समीक्षा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। मंत्रालय ने कहा, “इस बैठक ने दोनों पक्षों को वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शेष विवादों के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का मौका दिया, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने और बेहतर बनाने के लिए स्थितियाँ तैयार की जा सकें।”

भारत और चीन के बीच अप्रैल-मई 2020 में शुरू हुए सीमा विवाद के बाद से संबंध बेहद खराब स्तर पर पहुंच गए हैं। कूटनीतिक और सैन्य वार्ताओं के कई दौरों के बाद, दोनों देशों ने पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण किनारे, गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे क्षेत्रों से सैनिकों को वापस बुला लिया है।

भारत ने स्पष्ट किया है कि जब तक सीमा क्षेत्रों में शांति बहाल नहीं होती, तब तक चीन के साथ संबंध सामान्य नहीं हो सकते। अब तक, दोनों देशों ने सीमा विवाद का समाधान निकालने के लिए 21 दौर की कोर कमांडर स्तर की वार्ताएं की हैं।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments