नई दिल्ली: पांच किलो एलपीजी सिलेंडर खरीदने के लिए अब एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं होगी। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और एलपीजी संकट के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए ये बदलाव किया है। अब उपभोक्ता वैध पहचान पत्र (आईडी) दिखाकर इसे नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर से आसानी से खरीद सकेंगे।
सरकार ने बताया है कि चुनौतीपूर्ण समय में देश में ईंधन और उर्जा की उपलब्धता बनाए रखने के लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं। दरअसल, ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की ओर से शुरू की गई जंग के बाद से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर व्यापक असर पड़ा है। दक्षिण एशियाई देश इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
5 किलो वाले सिलेंडर से प्रवासी मजदूरों-छात्रों को फायदा
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा, ‘5 किलो एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) एलपीजी सिलेंडर नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर पर उपलब्ध हैं और इन्हें किसी भी वैध आईडी दिखाकर खरीदा जा सकता है। इसके लिए एड्रेस प्रूफ जरूरी नहीं है।’
अधिकारियों के अनुसार यह फैसला खासतौर पर प्रवासी मजदूरों और उन लोगों के लिए लिया गया है, जिनके पास स्थानीय पते के दस्तावेज नहीं होते। इससे लोगों को खाना पकाने के लिए गैस उचित कीमत में मिल सकेगी। मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि 23 मार्च से अब तक ऐसे करीब 5.7 लाख सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। इसमें हाल ही में एक दिन में 71,000 से ज्यादा सिलेंडर की बिक्री हुई है।
‘देश में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं’
मंत्रालय ने एक बार फिर ये भी स्पष्ट किया कि देश में फिलहाल पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। सरकार लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में खरीदारी न करें। सरकार ने बताया कि देश भर में सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। हालांकि, अफवाहों की वजह से कुछ जगहों पर भीड़ देखने को भी मिली है।
सरकार के अनुसार सप्लाई को स्थिर बनाए रखने के लिए घरेलू एलपीजी उत्पादन को बढ़ाया गया है। साथ ही रिफाइनरियों को पूरी क्षमता पर चलाया जा रहा है।
मंत्रालय ने ये भी बताया है कि देश में घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन देने में तेजी से काम हो रहा है। साथ ही एलपीजी मांग को नियंत्रित करने के लिए कुछ और भी कई कदम उठाए गए हैं। इसमें एलपीजी बुकिंग साइकिल बढ़ाना शामिल है। साथ ही पीएनजी, केरोसिन व इलेक्ट्रिक कुकिंग जैसे विकल्पों को बढ़ावा देनी की कोशिश हो रही है।
सरकार के अनुसार निगरानी भी बढ़ाई गई है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके। कई गड़बड़ी करने वाले एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस भी सस्पेंड किए गए हैं।
(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)

