नई दिल्ली: राज्य सभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने और फिर एक वीडियो के जरिए इस पर अपनी प्रतिक्रिया देने के बाद राघव चड्डा अपनी ही आम आदमी पार्टी (आप) में निशाने पर आ गए हैं। पार्टी के प्रवक्ता अनुराग ढांढा से लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और सौरभ भारद्वाज तक ने राघव चड्ढा पर पार्टी के हितों से समझौता करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इन्होंने ये भी कहा कि चड्ढा अब डर गए हैं।
‘आप’ के आधिकारिक प्रवक्ता अनुराग ढांढा ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरने और देश के वास्तविक मुद्दों पर बोलने से हिचकिचाने का आरोप लगाया। राघव चड्ढा की जगह अशोक मित्तल को राज्यसभा में आप का उपनेता बनाया गया है, और पार्टी ने कथित तौर पर सचिवालय से चड्ढा को संसद में बोलने का समय नहीं देने को कहा है। इस घटनाक्रम के बाद राघव चड्ढा के पार्टी छोड़ने की अटकलें और तेज हो गई हैं।
अनुराग ढांढा ने एक्स पर लिखा, ‘हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता पहली पहचान है हमारी। कोई मोदी से डर जाए तो लड़ेगा क्या देश के लिए? संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का पार्टी को, उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का।’
उन्होंने आगे लिखा, ‘गुजरात में हमारे सैंकड़ों कार्यकर्ता बीजेपी की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए, क्या सांसद साहब सदन में कुछ बोले? पश्चिम बंगाल में वोट का अधिकार छीना जा रहा है। सदन में प्रस्ताव आया CEC के खिलाफ तो भाई साहब ने साइन करने से मना कर दिया। पार्टी ने सदन से वाकआउट किया तो मोदी जी की हाज़िरी लगाने के लिए बैठे रहते हैं। पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव। मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो। देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हो।’
‘पीआर वाले मुद्दे उठा रहे राघव चड्ढा’
दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने चड्ढा के लिए ‘जो डर गया सो मर गया’ मुहावरे का इस्तेमाल करते हुए कहा कि जहां विपक्षी नेता सरकार के ‘तानाशाही” रवैये का विरोध कर रहे हैं, वहीं चड्ढा संसद में महत्वहीन मुद्दों को उठा रहे हैं।’
उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ वर्षों से आपने संसद में ऐसा कोई मुद्दा नहीं उठाया जो प्रधानमंत्री मोदी या भाजपा पर सवाल उठाता हो। डरकर राजनीति कैसे चलेगी? हमें पंजाब के मुद्दे उठाने होंगे, जहां से आप आते हैं, लेकिन आपने इस बारे में बात नहीं की। अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री रहते हुए सरकार ने झूठे केस में गिरफ्तार किया था, लेकिन आप देश में नहीं थे।’
भारद्वाज ने आगे कहा कि सरकार को ‘नरम पीआर वाले मुद्दों’ की परवाह नहीं है। उन्होंने आगे कहा, ‘आपको भाजपा का सामना करना होगा और उनसे सवाल करने होंगे।’
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इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बिल्कुल अलग मंच से बोलते हुए नजर आ रहे हैं। मान ने कहा कि चड्ढा पंजाब की प्रमुख चिंताओं और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने के बजाय समोसे जैसे मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पार्टी में इस तरह के बदलाव आम बात हैं और नेता या उपनेता जैसे पद समय के साथ बदल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी से भटकने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
‘आप’ के नेताओं की टिप्पणियां चड्ढा की ओर से दी गई तीखी प्रतिक्रिया के बाद आईं है। चड्ढा ने खुद को उपनेता पद से हटाए जाने और संसद में नहीं बोलने देने के पार्टी के स्टैंड पर कहा कि उन्हें ‘चुप करा दिया गया है, लेकिन वे हारे नहीं हुए हैं।’ उन्होंने अपनी आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधा और सवाल किया कि क्या लोगों की आवाज उठाना अपराध है।

