गंगटोक: सिक्किम के नामची जिले में भारी बारिश के बीच एक निर्माणाधीन सुरंग में हुए भूस्खलन के कारण कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है। 19 लोगों के सुरंग के अंदर फंसे होने की आशंका है। हादसा समरडुंग इलाके में झोलुंगे के पास एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ।
पुलिस अधीक्षक सोनम डोमा भूटिया ने बताया कि अब तक आठ शव बरामद किए जा चुके हैं और 19 लोग अभी भी सुरंग के भीतर फंसे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार रात भर बचाव अभियान चलाया गया और मंगलवार तड़के शवों को बाहर निकाला जा सका। लगातार हो रही बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं। खराब मौसम और दुर्गम इलाके की वजह से बचाव दल को शुरुआती तीन प्रयासों में सफलता नहीं मिल सकी।
अधिकारियों के मुताबिक, फंसे हुए मजदूर सुरंग के अंदर करीब तीन किलोमीटर तक की दूरी पर हो सकते हैं। बारिश और खराब मौसम के बावजूद उन्हें बाहर निकालने के लिए अभियान लगातार जारी है।
हादसे के समय क्या हुआ था?
जिला प्रशासन के अनुसार, हादसे के समय सुरंग में निजी कंपनी पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के 19 कर्मचारी और एनएचपीसी के छह कर्मचारी मौजूद थे। हादसे के बाद उन्हें बचाने के लिए शुरुआती तौर पर गए तीन लोगों में से दो भी सुरंग के भीतर फंस गए। प्रशासन को मिली जानकारी के मुताबिक, हादसे के बाद सुरंग का एक हिस्सा मलबे से भर गया, जिससे अंदर मौजूद मजदूरों के बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया।
हादसे के कारणों की अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, कुछ सुरक्षित बाहर निकले मजदूरों ने सुरंग के भीतर हादसे से ठीक पहले तेज आवाज सुनाई देने की बात बताई है। इसके बाद अचानक भूस्खलन हुआ और सुरंग का एक हिस्सा मलबे से भर गया। कुछ रिपोर्टों में सुरंग के भीतर गैस रिसाव की भी बात सामने आई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बचाव अभियान में जिला प्रशासन, सिक्किम पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के जवानों के साथ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें भी जुटी हैं। पाकयोंग और सिलीगुड़ी से एनडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंचकर अभियान में सहयोग कर रही हैं। विशेषज्ञों और परियोजना से जुड़े कर्मियों की मदद भी ली जा रही है।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग-गोले ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि वह बचाव अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं और सभी संबंधित एजेंसियां सुरंग में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए पूरी कोशिश कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
इससे पहले सोमवार को राज्य सरकार की ओर से 16 लोगों के सुरंग से सुरक्षित बाहर निकलने की सूचना दी गई थी। बाद में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह विभिन्न विभागों के बीच हुई गलत सूचना के कारण सामने आया था। प्रशासन के अनुसार, हादसे के समय सुरंग और आसपास के क्षेत्र में मौजूद लोगों की संख्या को लेकर भी शुरुआती जानकारी में अंतर था।
अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश और पहाड़ी इलाके की चुनौती के कारण बचाव अभियान बेहद सावधानी से चलाया जा रहा है। सुरंग के भीतर फंसे लोगों की सही स्थिति का अभी पता नहीं चल पाया है। बचाव दल मलबा हटाने और सुरंग के अंदर तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं।
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