मुंबईः सलमान खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ को लेकर सेंसर बोर्ड (CBFC) में अटकने की खबरों पर मेकर्स ने बड़ा बयान जारी किया है। सलमान खान फिल्म्स ने साफ कहा है कि फिल्म को अभी तक सर्टिफिकेशन के लिए सेंसर बोर्ड के पास भेजा ही नहीं गया है, इसलिए उसके अटकने या प्रमाणन रोक दिए जाने की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं।
प्रोडक्शन हाउस ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर जारी बयान में कहा, “यह दावा पूरी तरह गलत है कि ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ को सेंसर बोर्ड से जुड़ी किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है या उसका सर्टिफिकेशन रोक दिया गया है। फिल्म अभी तक प्रमाणन के लिए बोर्ड के पास जमा ही नहीं कराई गई है। इसलिए इस तरह की सभी खबरें तथ्यहीन हैं।”
मेकर्स ने मीडिया और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की कि वे अपुष्ट जानकारी साझा न करें। उन्होंने कहा कि फिल्म से जुड़ा कोई भी आधिकारिक अपडेट केवल सलमान खान फिल्म्स के आधिकारिक माध्यमों से ही जारी किया जाएगा।

क्या थी सेंसर बोर्ड में फिल्म अटकने की खबर?
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। हाल ही में एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फिल्म का सेंसर बोर्ड से प्रमाणन अटक गया है, जिसकी वजह से इसकी रिलीज में देरी हो रही है। कई दूसरी रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि फिल्म का सर्टिफिकेशन रुका नहीं है, बल्कि प्रक्रिया जारी है। इन खबरों के बाद यह माना जा रहा था कि फिल्म अगस्त में भी रिलीज नहीं हो पाएगी। अब सलमान खान फिल्म्स ने बयान जारी कर साफ कर दिया है कि फिल्म अभी तक सेंसर बोर्ड के पास पहुंची ही नहीं है।
अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म का नाम पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ रखा गया था। बाद में इसे बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया गया। फिल्म का निर्माण सलमा खान ने सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले किया है।
निर्देशक अपूर्व लाखिया ने हाल ही में बताया था कि शीर्षक बदलने का फैसला अचानक नहीं लिया गया। उनके मुताबिक, फिल्म सिर्फ एक युद्ध की कहानी नहीं है, बल्कि सैनिकों के त्याग, मानवीय संवेदनाओं और उनके भीतर चलने वाले मौन संघर्ष की कहानी है। यही वजह है कि ‘मातृभूमि’ शीर्षक फिल्म की भावना को बेहतर तरीके से सामने लाता है। उन्होंने यह भी बताया था कि फिल्म में इसी नाम का एक गीत भी है, जिसे दर्शकों से अच्छा प्रतिसाद मिला और इसी ने नए शीर्षक को अंतिम रूप देने में मदद की।
गलवान विवाद से जुड़े संदर्भ हटाए गए
यह फिल्म शुरुआत में वर्ष 2020 में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुए गलवान घाटी संघर्ष से प्रेरित बताई जा रही थी। फिल्म में सलमान खान 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू की भूमिका निभा रहे हैं, जिन्होंने संघर्ष के दौरान भारतीय जवानों का नेतृत्व किया था।
हालांकि, बाद की रिपोर्टों में दावा किया गया कि फिल्म की कहानी में बदलाव किए गए हैं। इसके साथ ही चीन और गलवान घाटी से जुड़े प्रत्यक्ष संदर्भ भी हटा दिए गए हैं। फिल्म का नाम बदलने को भी इसी बदलाव का हिस्सा माना गया।
चीन में हुआ था विरोध
फिल्म का टीजर 27 दिसंबर 2025 को सलमान खान के 60वें जन्मदिन पर जारी किया गया था। इसके बाद चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो पर कुछ यूजर्स ने फिल्म का विरोध किया और आरोप लगाया कि इसमें गलवान घाटी की घटना को गलत तरीके से दिखाया गया है।
इसी विवाद के बीच विदेश मंत्रालय से भी इस पर सवाल पूछा गया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया था कि भारत में फिल्मों से जुड़े सभी फैसले संबंधित प्राधिकरण लेते हैं और इस मामले में विदेश मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं है।
कब होगी रिलीज?
फिल्म पहले ईद से पहले 17 अप्रैल को रिलीज होने वाली थी, लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया। इसके बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि यह स्वतंत्रता दिवस के आसपास अगस्त में सिनेमाघरों में आएगी। हालांकि, अब तक नई रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।
फिल्म में सलमान खान के साथ चित्रांगदा सिंह, अभिलाष चौधरी और अंकुर भाटिया भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का संगीत हिमेश रेशमिया ने तैयार किया है।

