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US-Iran डील के बाद कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट, होर्मुज से गुजरने लगे तेल के टैंकर

ये जहाज होर्मजु जलडमरूमध्य से होकर गुजरे। यह घटना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ ही घंटों बाद हुई।

US-Iran समझौते के बाद शुक्रवार (19 जून) को तेल की कीमतों में गिरावट आई। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने और वहां से तेल टैंकरों की आवाजाही शुरू होने से तेल की सप्लाई बढ़ने की उम्मीदें बढ़ गईं।

0328 GMT तक, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 43 सेंट या 0.54% गिरकर $79.42 प्रति बैरल पर आ गया और U.S. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 17 सेंट या 0.22% गिरकर $76.43 प्रति बैरल पर आ गया। जुलाई महीने का कॉन्ट्रैक्ट सोमवार (22 जून) को खत्म हो रहा है।

US-Iran डील के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने लगे तेल टैंकर

गुरुवार (18 जून) को दोनों बेंचमार्क मार्च की शुरुआत के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए। ऐसा तब हुआ जब कई टैंकर – जिनमें सऊदी अरब के झंडे वाले तीन जहाज भी शामिल थे और जिनमें कुल 60 लाख बैरल कच्चा तेल लदा था। ये जहाज होर्मजु जलडमरूमध्य से होकर गुजरे। यह घटना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ ही घंटों बाद हुई।

जानकारों का मानना ​​है कि इस समझौते से मध्य पूर्व की खाड़ी में फंसा 8.5 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल ग्लोबल मार्केट में आ जाएगा। इस समझौते में ईरानी तेल पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना भी शामिल है। इससे सप्लाई और बढ़ेगी।

यह भी पढ़ें – अमेरिका-ईरान समझौते पर मंडराया संकट? दक्षिणी लेबनान पर इजराइल के घातक हमले में 18 की मौत

KCM के चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वॉटरर ने कहा कि “ट्रेडर्स अभी भी इस बात के पक्के सबूत का इंतजार कर रहे हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से टैंकरों की आवाजाही सच में सामान्य हो रही है, ताकि वे कीमतों में और गिरावट पर दांव लगा सकें।”

“जब तक ये जहाज लगातार आवाजाही शुरू नहीं करते तब तक शक बना रहेगा और कीमतों में ज्यादा गिरावट नहीं आएगी।”

पांचवां हिस्सा इसी होर्मुज से होकर गुजरता है

युद्ध से पहले दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस इसी जलडमरूमध्य से गुजरता था और एनालिस्ट का मानना ​​है कि अगर अमेरिका-ईरान डील बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में व्यापार सामान्य हो सकता है।

मिडिल ईस्ट के प्रोड्यूसर भी एक्सपोर्ट फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्प ने गुरुवार को कहा कि युद्ध के दौरान जारी किए गए सभी ‘फोर्स मेज्योर’ नोटिस तुरंत प्रभाव से हटा लिए गए हैं।

इराक के तेल मंत्री बासिम मोहम्मद ने कहा कि देश के ऑयलफील्ड्स प्रोडक्शन फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं और प्रोडक्शन का लेवल धीरे-धीरे सामान्य होगा। जब तक कि पहले वाली प्रोडक्शन दरें वापस नहीं आ जातीं।

इजराइल ने हालांकि लेबनान में हेजबोल्लाह के खिलाफ अपना युद्ध जारी रखा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका-ईरान शांति समझौता कायम रहेगा।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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