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‘लाहौर 1947’ से हुआ ‘बंटवारा 1947’, आखिर क्यों बदला गया सनी देओल की फिल्म का नाम?

‘घायल’, ‘दामिनी’ और ‘घातक’ जैसी सफल फिल्मों के बाद सनी देओल और राजकुमार संतोषी की जोड़ी एक बार फिर साथ आ रही है।

सनी देओल की फिल्म ‘लाहौर 1947’ अब नए नाम ‘बंटवारा 1947’ के साथ सिनेमाघरों में रिलीज होगी।निर्माताओं ने मंगलवार को फिल्म का नया टाइटल और मोशन पोस्टर जारी करते हुए इसकी रिलीज डेट का भी ऐलान कर दिया। राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी।

आमिर खान प्रोडक्शंस और सनी देओल ने सोशल मीडिया पर फिल्म का नया टाइटल और पोस्टर साझा करते हुए लिखा, “नफरत और डर के दौर में उसने साहस को चुना। #Batwara1947 14 अगस्त 2026 से सिनेमाघरों में।”

क्यों बदला गया फिल्म का नाम?

फिल्म का नाम बदलने को लेकर पिछले कई महीनों से चर्चाएं चल रही थीं। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि पाकिस्तान के एक शहर के नाम पर आधारित शीर्षक भारतीय दर्शकों से अपेक्षित जुड़ाव नहीं बना पा रहा था। हालांकि मार्च में आमिर खान ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा था कि फिल्म का नाम ‘लाहौर 1947’ ही रहेगा।

अब सामने आई जानकारी के अनुसार, फिल्म की टीम काफी समय से ‘बंटवारा’ शीर्षक पर विचार कर रही थी। पहले ‘बंटवारा 1947’ नाम तय किया गया और बाद में केवल ‘बंटवारा’ रखने का सुझाव भी आया। लेकिन इस नाम के इस्तेमाल के लिए अधिकार हासिल करना जरूरी था।

आमिर खान ने कैसे हासिल किए ‘बंटवारा’ के अधिकार?

बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘बंटवारा’ शीर्षक के अधिकार दिवंगत निर्माता सलीम अख्तर के परिवार के पास थे। उन्होंने 1989 में इसी नाम की फिल्म का निर्माण किया था। बताया जाता है कि फिल्म निर्माता करीम मोरानी ने आमिर खान और सलीम अख्तर के बेटे समद अख्तर की मुलाकात करवाई।

सूत्रों के अनुसार, आमिर खान खुद समद अख्तर के घर पहुंचे और उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों से भी मुलाकात की। इस दौरान आमिर ने 1995 में रिलीज हुई फिल्म ‘बाजी’ में सलीम अख्तर के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने यह भी बताया कि विभाजन पर आधारित उनकी फिल्म के लिए ‘बंटवारा’ शीर्षक कितना उपयुक्त है। इसके बाद अख्तर परिवार ने तय राशि पर इस नाम के अधिकार आमिर खान को सौंप दिए।

मोशन पोस्टर में दिखा विभाजन का दर्द

बंटवारा 1947 के सामने आए मोशन पोस्टर की शुरुआत एक संदेश से होती है। जिसमें लिखा है- नफरत और डर के दौर में उसने साहस को चुना।” इसके बाद एक जलती हुई लाल रेखा नक्शे को दो हिस्सों में बांटती दिखाई देती है, जो 1947 के विभाजन का प्रतीक है।

पोस्टर में सनी देओल का किरदार भगदड़, आग और अफरातफरी के बीच ट्रेन के साथ दौड़ता नजर आता है। वहीं प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, करण देओल और अन्य कलाकारों की झलक भी दिखाई गई है। अंत में सनी देओल मशाल लिए खड़े दिखाई देते हैं और फिल्म का नया नाम ‘बंटवारा 1947’ सामने आता है।

विभाजन की त्रासदी पर आधारित है कहानी

राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी यह फिल्म प्रसिद्ध लेखक असगर वजाहत के चर्चित नाटक ‘जिस लाहौर नईं वेख्या ओ जम्याइ नईं’ पर आधारित है। कहानी भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद लोगों के विस्थापन, पहचान और मानवीय रिश्तों के इर्द-गिर्द घूमती है।

फिल्म में सनी देओल के साथ प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल और करण देओल प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का निर्माण आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले किया गया है। संगीत एआर रहमान ने तैयार किया है, जबकि गीत जावेद अख्तर ने लिखे हैं।

‘घायल’, ‘दामिनी’ और ‘घातक’ जैसी सफल फिल्मों के बाद सनी देओल और राजकुमार संतोषी की जोड़ी एक बार फिर साथ आ रही है। स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले रिलीज होने वाली ‘बंटवारा 1947’ को 2026 की सबसे चर्चित और बड़ी पीरियड फिल्मों में गिना जा रहा है।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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