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रणवीर सिंह पर से FWICE ने हटाया बैन, अभिनेता ने अदालत का किया था रुख

फेडरेशन के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने कहा कि उद्योग से जुड़े कई संगठनों, विशेष रूप से सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन (सिंटा) और इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (इम्पा), के अनुरोध पर गैर-सहयोग निर्देश वापस लेने का निर्णय लिया गया है।

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज ने रणवीर सिंह पर से बैन हटा दिया है। फिल्म डॉन 3 से जुड़े विवाद को लेकर फेडरेशन ने पिछले दिनों कहा था कि उसके चार लाख से अधिक सदस्य अभिनेता रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेंगे। फेडरेशन ने बुधवार को अभिनेता के खिलाफ जारी गैर-सहयोग (नॉन-कोऑपरेशन) निर्देश वापस लेने की घोषणा कर दी। गौरतलब है कि रणवीर सिंह ने संगठन की कार्रवाई के खिलाफ अदालत का रुख किया था।

मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एफडब्ल्यूआईसीई के पदाधिकारियों ने बताया कि रणवीर सिंह की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस का जवाब कानूनी प्रक्रिया के तहत दिया जाएगा। फेडरेशन के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने कहा कि उद्योग से जुड़े कई संगठनों, विशेष रूप से सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन (सिंटा) और इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (इम्पा), के अनुरोध पर गैर-सहयोग निर्देश वापस लेने का निर्णय लिया गया है।

तिवारी ने बताया कि इस मामले को सुलझाने के लिए फिल्म उद्योग के विभिन्न संगठनों के साथ लगातार बातचीत की गई। उन्होंने हाल ही में जारी प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के बयान का भी हवाला दिया, जिसमें सभी पक्षों के हितों की रक्षा करते हुए विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने की अपील की गई थी।

इस दौरान एफडब्ल्यूआईसीई के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने कहा कि संगठन के पास किसी कलाकार पर प्रतिबंध (बैन) लगाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि एफडब्ल्यूआईसीई केवल अपने सदस्यों को किसी व्यक्ति के साथ काम न करने की सलाह दे सकता है, लेकिन किसी कलाकार को उसके पेशे से नहीं रोक सकता। पंडित ने यह भी कहा कि संगठन रणवीर सिंह के योगदान का सम्मान करता है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए तैयार है।

प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने क्या कहा?

विवाद के बीच प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर फिल्म उद्योग में कलाकारों, निर्देशकों और तकनीशियनों द्वारा अंतिम समय में अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे हटने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है।

गिल्ड ने कहा कि उसे अपने सदस्य बैनरों एक्सेल एंटरटेनमेंट और पैनोरमा स्टूडियो से औपचारिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। बयान के अनुसार, शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले किसी परियोजना से अलग होने के फैसले निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं और पूरी कंटेंट निर्माण प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं।

गिल्ड ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल फिल्मों की विश्वसनीयता और ब्रांड वैल्यू को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि उन सैकड़ों तकनीशियनों और क्रू सदस्यों की आजीविका को भी प्रभावित करती हैं, जो इन परियोजनाओं पर निर्भर रहते हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह स्वतंत्र और निष्पक्ष कारोबारी माहौल का समर्थन करता है तथा फिल्म निर्माण प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा को अनैतिक मानता है।

हालांकि प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने अपने बयान में किसी कलाकार का नाम नहीं लिया, लेकिन इसे सामने आए दो चर्चित मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है। पहला मामला रणवीर सिंह के डॉन 3 से बाहर होने का है, जबकि दूसरा अभिनेता अक्षय खन्ना के दृश्यम 3 से कथित रूप से अलग होने से जुड़ा है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अक्षय खन्ना ने पारिश्रमिक और फिल्म में अपने किरदार को लेकर मतभेदों के कारण परियोजना से दूरी बनाई थी। बताया जाता है कि हालिया सफल फिल्मों के बाद उन्होंने अपनी फीस में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की मांग की थी। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फेडरेशन को रणवीर की लीगल टीम ने भेजा नोटिस

गौरतलब है कि ‘डॉन 3’ बॉलीवुड की लोकप्रिय ‘डॉन’ फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म है, जिसमें पहली बार मुख्य भूमिका के लिए रणवीर सिंह को चुना गया था। हालांकि फिल्म की शूटिंग अभी शुरू नहीं हुई थी, लेकिन निर्माता पहले ही इसके प्री-प्रोडक्शन पर बड़ा निवेश कर चुके थे। निर्माताओं के अनुसार, फिल्म की तैयारियों, लोकेशन प्लानिंग, तकनीकी कार्यों और अन्य प्री-प्रोडक्शन गतिविधियों पर अब तक 45 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। निर्माताओं ने कहा था कि उन्हें 45 करोड़ का नुकसान हुआ है। निर्माताओं में से एक फरहान अख्तर ने फेडरेशन से इसकी शिकायत की थी।

फेडरेशन की कार्रवाई के खिलाफ रणवीर सिंह ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अपनी कानूनी टीम के माध्यम से फेडरेशन को नोटिस भेजा है। अभिनेता की ओर से भेजे गए नोटिस में फेडरेशन के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाए गए हैं।

रणवीर सिंह के वकीलों का तर्क है कि किसी अभिनेता और प्रोडक्शन हाउस के बीच का विवाद पूरी तरह से एक निजी संविदात्मक (कॉन्ट्रैक्चुअल) मामला है। ऐसे मामलों में किसी ट्रेड यूनियन या फेडरेशन को हस्तक्षेप करने अथवा किसी कलाकार के खिलाफ गैर-सहयोग जैसी कार्रवाई करने का कानूनी अधिकार नहीं है। नोटिस में कहा गया है कि किसी कलाकार की पेशेवर गतिविधियों और आजीविका को प्रभावित करने वाली किसी भी कार्रवाई के लिए स्पष्ट कानूनी आधार होना आवश्यक है।

रणवीर सिंह की कानूनी टीम का यह भी कहना है कि फेडरेशन की ओर से उठाए गए कदम न केवल उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं, बल्कि वे अभिनेता के पेशेवर और संविदात्मक अधिकारों को भी प्रभावित करते हैं।

भाषा की दीवारें टूटीं…डबिंग कैसे बदल रहा है भारतीय सिनेमा का बाजार?

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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