नई दिल्लीः मध्य पूर्व युद्ध के कारण वैश्विक तेल संकट से उपजे माहौल में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि की आशंकाएं बनी हुई हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (10 मई) को लोगों से घर से काम करने (Work From Home) की प्रथा को पुनर्जीवित करने, ईंधन की खपत कम करने और यहां तक कि एक वर्ष तक शादियों के लिए सोना न खरीदने का आग्रह किया, ताकि देश को विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिल सके। पीएम मोदी ने हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की।
प्रधानमंत्री मोदी ने आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आर्थिक अनिश्चितता से जूझ रही दुनिया का चित्रण करते हुए ईंधन संरक्षण को एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताया।
पीएम मोदी ने देशवासियों से क्या अपील की?
पीएम मोदी ने कहा “कोरोना काल के दौरान, हमने वर्फ फ्रॉम होम अपनाया, ऑनलाइन मीटिंग की, वीडियो कॉन्फ्रेंस और इसी तरह की कई प्रणालियां विकसित कीं। हम भी उनके आदी हो चुके थे।”
उन्होंने कहा “आज, समय की जरूरत है कि हम उन प्रथाओं को फिर से शुरू करें क्योंकि यह राष्ट्रीय हित में होगा और हमें एक बार फिर उन्हें प्राथमिकता देनी होगी।”
इस दौरान उन्होंने देशभक्ति की परिभाषा को व्यापक बताते हुए कहा कि यह केवल देश के लिए बलिदान देने तक सीमित नहीं है बल्कि कठिन समय में अनुशासित और जिम्मेदार जीवन जीना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
पीएम मोदी की यह टिप्पणी ऐसे वक्त में आई है जब दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें करीब प्रति बैरल 70 से 126 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई हैं। यह स्थिति पश्चिमी एशिया में जारी संकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने से उत्पन्न हुई हैं।
सीधे तौर पर कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा किए बिना पीएम मोदी ने बार-बार पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा “ पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल इतना महंगा हो गया है। यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि पेट्रोल-डीजल की खरीद पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को पेट्रोल-डीजल की बचत करके बचाया जाए।”

पीएम मोदी ने ईंधन की खपत कम करने के लिए कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, वहां मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। निजी वाहनों के इस्तेमाल के दौरान कार-पूलिंग अपनाएं। माल ढुलाई के लिए रेल परिवहन को प्राथमिकता दें और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दें।
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शादियों में सोना न खरीदने की अपील
अपने भाषण के सबसे प्रभावशाली क्षणों में से एक में प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे विवेकाधीन खर्चों पर पुनर्विचार करें क्योंकि देश बढ़ती वैश्विक ऊर्जा लागतों के कारण आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा, “मैं लोगों से अपील करूंगा कि वे एक साल तक शादियों के लिए सोना न खरीदें।”
उन्होंने आगे नागरिकों से अनावश्यक विदेश यात्राओं, विदेशों में छुट्टियां मनाने और विदेश में आयोजित होने वाले समारोहों से बचने की अपील की। इसके बजाय देश के भीतर पर्यटन और उत्सव मनाने को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया, जिससे घरेलू अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं, जैसे जूते, बैग और अन्य सामान, के लिए स्थानीय और ‘मेड-इन-इंडिया’ उत्पादों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल देश में रोजगार बढ़ेगा, बल्कि विदेशी आयात पर निर्भरता भी कम होगी। उन्होंने लोगों से खाने के तेल की खपत कम करने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य को भी लाभ होगा।
पीएम मोदी की टिप्पणी ऐसे वक्त में आई है जब सरकार और उद्योगों से जुड़े सूत्रों ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
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सूत्रों के मुतबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को मिलाकर करीब 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मौजूदा वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर सरकार और तेल कंपनियां उपभोक्ताओं को संकट के पूरे प्रभाव से बचाने के लिए पेट्रोल पर लगभग 24 डॉलर प्रति लीटर और डीजल पर 30 डॉलर प्रति लीटर की लागत को प्रभावी रूप से वहन कर रही हैं।
यदि इसे मंजूरी मिल जाती है तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 4-5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो सकती है जबकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर 40-50 रुपये तक महंगे हो सकते हैं।

