नई दिल्ली: तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले मतदान और फिर अगले महीने मतगणना से पहले निर्वाचन आयोग ने मीडियाकर्मियों को कवरेज के लिए ऑथराइजेशन लेटर जारी करने को लेकर एक गाइडलाइन जारी की है। इसमें कई स्तरों की जांच और फिर अप्रूवल की प्रक्रिया शामिल है।
आयोग ने कहा कि केवल सत्यापित पत्रकारों को ही मतदान केंद्रों के भीतर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। आयोग ने चेतावनी दी है कि प्राधिकरण पत्रों का दुरुपयोग और मतदान कक्षों के अंदर फोटोग्राफी करना सख्त वर्जित है। आयोग ने 18 अप्रैल को जारी प्रेस रिलीज में क्रमवार तरीके से सभी प्रक्रियाओं के बारे में बताया है। आयोग वैसे पहले भी ऐसे गाइडलाइन देता रहा है।
चुनाव आयोग ने क्या कहा है?
- चुनाव आयोग ने दोहराया है कि चुनाव प्रक्रिया की कवरेज के लिए मीडियाकर्मियों का मतदान केंद्रों में प्रवेश चुनाव संचालन नियम-1961 (Conduct of Election Rules) के नियम 32 के प्रावधानों के अनुसार प्रिसाइडिंग ऑफिसर द्वारा सख्ती से नियंत्रित किया जाएगा।
- इसमें आगे कहा गया है कि- इसी के अनुसार प्रत्येक आम, उपचुनाव की घोषणा के बाद नामित प्राधिकरणों को निर्देश जारी किए जाते हैं कि वे मीडिया कर्मियों से आवेदन प्राप्त करें और उन्हें आगे भेजें, ताकि ऐसे प्रवेश के लिए अथॉरिटी लेटर जारी किया जा सके। इन प्राधिकरणों में प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) शामिल हैं, जो राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (DIPR) के माध्यम से कार्य करते हैं।
- PIB से मान्यता प्राप्त मीडियाकर्मियों के मामले में, Authority Letter पीआईबी को उपलब्ध कराए जाएंगे, जो पत्र जारी करने से पहले अपने स्तर पर आवेदनों की जांच करेगा। इसके बाद PIB स्वीकृत मीडिया कर्मियों की सूची चुनाव आयोग को भेजेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
- राज्य DIPR के माध्यम से आवेदन करने वाले मीडियाकर्मियों के लिए, पहले राज्य DIPR द्वारा आवेदनों की जांच की जाएगी, जिसके बाद अपनी सिफारिशों के साथ उन्हें संबंधित CEO को भेजा जाएगा। CEO/DIPR यह प्रमाणित करेंगे कि सूची की विधिवत जांच की गई है, और वे आवेदक वास्तविक मीडिया के प्रतिनिधि हैं और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हैं।
- सिफारिश किए गए मीडियाकर्मियों की सूची इसके बाद CEO द्वारा आयोग को अनुमोदन के लिए भेजी जाएगी। Authority Letter केवल CEO/DEO या किसी अधिकृत अधिकारी द्वारा विधिवत सत्यापन के बाद ही जारी किया जाता है। आयोग ने यह भी अनिवार्य किया है कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के फैक्सिमिले (नकल) या रबर स्टैम्प का उपयोग नहीं किया जाएगा, ताकि प्रामाणिकता और विश्वसनीयता बनी रहे।
- Authority Letter का किसी भी प्रकार का दुरुपयोग सख्ती से मना है। मतदान कक्ष के अंदर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी, ताकि मतदान की गोपनीयता भंग न हो।
- आयोग ने दोहराया कि यह सत्यापन प्रक्रिया इस उद्देश्य से बनाई गई है कि केवल विधिवत सत्यापित और अधिकृत मीडियाकर्मियों को ही मतदान केंद्रों और मतगणना केंद्रों तक पहुंच की अनुमति दी जाए। इससे चुनाव प्रक्रिया की अखंडता, सुरक्षा और सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित हो सकेगी।
- यह भी कहा गया है कि चुनाव आयोग द्वारा मतदान दिवस की कवरेज के लिए अधिकृत मीडिया कर्मियों को आवश्यक सेवाओं (Essential Services) की श्रेणी में शामिल किया गया है। उन्हें भी वोट देने के लिए पोस्टल वोटिंग सेंटर (PVC) पर डाक मतपत्र (Postal Ballot) की सुविधा प्राप्त होगी।
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