नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8.30 बजे देश को संबोधित करेंगे। फिलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि वे किस विषय पर अपनी बात रखेंगे। यह संबोधन भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को लोकसभा में मिले एक बड़े झटके के एक दिन बाद होने वाला है, जब महिला आरक्षण नीति से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। सरकार को परिसीमन के माध्यम से महिला आरक्षण को लागू कराने से संबंधित विधेयक को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी।
इस पर लोकसभा में दो दिन लंबी बहस भी चली लेकिन ये बहुमत हासिल नहीं कर सका। बिल पर लोकसभा में चर्चा के बाद शुक्रवार को वोटिंग हुई थी। इसमें 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। 528 के लिहाज से बिल को पास कराने के लिए दो तिहाई 352 वोटों की जरूरत सरकार को थी। इस तरह पिछले 12 साल के मोदी सरकार के कार्यकाल में यह पहला मौका था, जब केंद्र सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा सकी।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरी बार 21 सितंबर को राष्ट्र को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने जीएसटी सुधारों के बारे में बात की थी।
महिला आरक्षण पर बोलेंगे पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से विषय को लेकर कुछ भी साफ नहीं किया गया है। हालांकि, सूत्रों के हवाले से आई जानकारी के अनुसार आज सुबह हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन न करने के लिए दोषी होने और महिलाओं के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्ष के इस रुख को गलती बताया और चेतावनी दी कि भविष्य में उन्हें इसकी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी।
सूत्रों के अनुसार उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विपक्ष की महिलाओं के प्रति नकारात्मक मानसिकता को देश के हर गांव तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दल अब अपने रुख को सही ठहराने की कोशिश में जुटे हैं।
दूसरी ओर आज ही सुबह कांग्रेस मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने इस घटनाक्रम को ‘लोकतंत्र की बड़ी जीत’ और भाजपा के लिए काला दिन बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र में सत्ताधारी दल को 2014 में सत्ता संभालने के बाद से संसद में पहली बार हार का सामना करना पड़ा है।
प्रियंका ने आरोप लगाया कि केंद्र ने परिसीमन से जोड़कर महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने का सुनियोजित प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए पूरी साजिश रची गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार ने नई जनगणना के बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन का प्रस्ताव रखकर जाति जनगणना को दरकिनार करने की कोशिश की थी।
पीएम मोदी ने कब-कब किया राष्ट्र को संबोधित
2014 में सत्ता में आने के बाद पीएम मोदी कई मौकों पर देश को संबोधित कर चुके हैं। इसमें कई बार अप्रत्याशित और बड़े फैसलों का भी ऐलान किया गया है। पीएम मोदी का सबसे पहला संबोधन 8 नवंबर, 2016 की रात 8 बजे आया था। उसमें अचानक नोटबंदी की घोषणा की गई थी।
इसके बाद 2019 में 8 अगस्त की रात 8 बजे पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद देश को संबोधित किया था। वहीं, 2020 में 19 मार्च को रात 8:00 बजे पीएम मोदी ने कोरोना महामारी को लेकर बात की थी और जनता कर्फ्यू की अपील की थी। इसी के कुछ दिन बाद 24 मार्च, 2020 को पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए पूरे देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की थी।
इसके बाद 14 अप्रैल 2020 को सुबह 10 बजे अपने संबोधन में पीएम मोदी ने लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की थी। वहीं, 12 मई 2020 को आत्मनिर्भर भारत’ अभियान और 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा पीएम मोदी ने की थी। यह संबोधन भी रात 8 बजे आया था। आखिरी संबोधन 21 सितंबर 2025 को आया था जब PM मोदी ने ‘GST बचत उत्सव’ की घोषणा की थी।

