सक्तीः छत्तीसगढ़ के वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार (14 अप्रैल) को हुए विस्फोट में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, 17 लोग घायल हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पावर प्लांट में काम करने वाले लोगों के परिजन अपनों की तलाश में अस्पतालों से लेकर प्लांट के आस-पास चक्कर काटते रहे। इस बीच प्रशासन ने मृतकों की सूची जारी की है। यह दुर्घटना छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में 14 अप्रैल दोपहर करीब 2 बजकर 35 मिनट पर हुई। दुर्घटना में मारे गए व घायलों के लिए केंद्र व राज्य सरकार और वेदांता समूह ने मुआवजे का ऐलान किया है।
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के मुताबिक, ” बिजली संयंत्र विस्फोट में मरने वालों की संख्या 19 हो गई है, जबकि 17 लोग विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। “
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाइपलाइन फटने से अत्यधिक गर्म भाप निकलने के कारण विस्फोट हुआ। पाइप फटने से मजदूरों पर गर्म पानी गिरा जिसके चलते मजदूर झुलस गए। अधिकारियों ने हालांकि यह भी संकेत दिया कि वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर से जुड़ी उच्च दबाव वाली भाप नली में रिसाव के कारण विस्फोट हुआ होगा।
वेदांता विस्फोट में प्रशासन सख्त
वेदांता पावर लिमिटेड में हुए भीषण बॉयलर हादसे पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। हादसे को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने दंडाधिकारी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अमृत विकास तोपनो ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 196 के तहत यह आदेश जारी किया है। जांच की जिम्मेदारी अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएस) डभरा विनय कुमार कश्यप को सौंपी गई है।
सरकार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि दुर्घटना कब, कैसे और किन परिस्थितियों में हुई? इसके साथ ही घटना के समय मौके पर कार्यरत मजदूरों की जानकारी और मृतकों और घायलों की पहचान का सत्यापन भी किया जाएगा। जांच के दौरान उन कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा जिनसे यह हादसा हुआ।
इसके अलावा सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा (जिला जांजगीर-चांपा व सक्ती) द्वारा प्लांट के उत्पादन प्रारंभ होने से लेकर हादसे तक किए गए निरीक्षणों की समीक्षा भी की जाएगी। यह भी जांचा जाएगा कि यदि किसी प्रकार की खामियां पहले पाई गई थीं, तो उन पर क्या कार्रवाई की गई।
वेदांता प्रमुख ने जताया दुख
छत्तीसगढ़ पावर प्लांट में हुई दुर्घटना पर वेदांता प्रमुख अनिल अग्रवाल ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट की। इस पोस्ट में लिखा कि “छत्तीसगढ़ के सिंघीतराई प्लांट में हुई अत्यंत दुखद दुर्घटना से मेरा मन बहुत व्यथित है।
इस हादसे में पीड़ित हर व्यक्ति मेरा परिवार है। आपके आँसू मेरे हैं, आपका दर्द मेरा अपना है।…इस मामले की तह तक जाने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। “
वेदांता समूह ने घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को 35 लाख रुपये और रोजगार में सहयोग की बात की है। इसके अलावा घायल लोगों को 15 लाख रुपये और स्वस्थ होने तक सैलरी दी जाएगी। कंपनी ने इस बाबत एक बयान जारी किया है।
सीएम और पीएम ने किया मुआवजे का ऐलान
इस दुर्घटना में मारे गए लोगों को राज्य व केंद्र सरकार ने मुआवजे का ऐलान किया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट में लिखा ” स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता कर रहा है। पीएमएनआरएफ की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं, घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। “
वहीं, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर लिखा कि सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। इस हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। राज्य सरकार द्वारा मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की सहायता राशि तथा घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके।
उन्होंने कहा कि सभी घायलों के समुचित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मैं उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। कमिश्नर बिलासपुर को घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी रखे हुए है और प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस की खबर के मुताबिक, इस दुर्घटना में घायल हुए मजदूरों में कई लोग कोलकाता से नौकरी करने आए थे। हादसे के बाद मृतकों और घायलों के परिजनों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने मांग की है कि वेदांता प्लांट प्रबंधन मृतकों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दे और कम से कम 50 लाख रुपये मुआवजा प्रदान करे। फिलहाल प्रशासन और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
अपनों को ढूंढ़ते भटकते रहे परिजन
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, दुर्घटना में मारे गए लोगों के आधिकारिक आंकड़े सामने आने लगे लेकिन नाम नहीं मिले। न तो प्रशासन और न ही संयंत्र प्रबंधन ने पीड़ितों की सूची जारी की। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों से आए प्रवासी श्रमिकों सहित कई परिवार अपने प्रियजनों की तलाश में अस्पतालों के गलियारों, प्लांट के गेटों और अस्थायी शिविरों के बीच रात भर भटकते रहे।
लोग अपनों को खोजने के लिए प्लांट के बाहर जुटे हैं। परिजनों के पास ये जानकारी नहीं है कि कौन जीवित है कौन नहीं? हालांकि हादसे के कई घंटे बाद सूची जारी की गई।
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