दिग्गज गायिका आशा भोसले की तबीयत बिगड़ने के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, आशा भोसले को कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) और सांस लेने में गंभीर तकलीफ (पल्मोनरी कॉम्प्लिकेशंस) के बाद अस्पताल लाया गया था।
अस्पताल के डॉ. प्रतीत समदानी ने आधिकारिक बयान में बताया कि आशा भोसले को कार्डियक अरेस्ट आने के बाद तुरंत अस्पताल लाया गया। फिलहाल, उनका इलाज अस्पताल की इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज यूनिट में चल रहा है।
फिलहाल उनकी स्थिति बेहद नाजुक बताई जा रही है। उनकी मौजूदा स्थिति को लेकर आधिकारिक तौर पर परिवार की ओर से भी अब तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और आगे की जानकारी का इंतजार है।
आठ दशक का स्वर्णिम सफर
आशा भोसले का नाम भारतीय सिनेमा की सबसे सफल और प्रभावशाली गायिकाओं में शुमार है। आठ दशकों से अधिक लंबे अपने करियर में उन्होंने न केवल हिंदी, बल्कि कई क्षेत्रीय भाषाओं में हजारों गाने रिकॉर्ड किए हैं।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) की छाया में की, लेकिन जल्द ही अपनी अलग शैली चुलबुली, प्रयोगधर्मी और बेहद विविध, के दम पर खुद को स्थापित किया।
आशा भोसले की सबसे बड़ी खासियत उनकी बहुमुखी प्रतिभा रही है। रोमांटिक गीतों से लेकर कैबरे, गजल से लेकर पॉप तक, उन्होंने हर शैली में अपनी छाप छोड़ी।
संगीतकार ओपी नैयर के साथ उनकी जोड़ी ने “आओ हुजूर तुमको” जैसे सदाबहार गीत दिए, वहीं आरडी बर्मन के साथ उनका सहयोग “चुरा लिया है तुमने जो दिल को” जैसे कालजयी गीतों में नजर आया।
“पिया तू अब तो आजा” और “ये मेरा दिल” जैसे गानों में उन्होंने फिल्म संगीत में नई ऊर्जा और अभिव्यक्ति जोड़ी, जबकि “दिल चीज क्या है” और “इन आंखों की मस्ती” जैसे गीतों से उन्होंने शास्त्रीय और अर्ध-शास्त्रीय संगीत पर अपनी मजबूत पकड़ दिखाई।
नए दौर में भी कायम रही पकड़
1990 और 2000 के दशक में भी आशा भोसले ने खुद को नए सिरे से स्थापित किया। एआर रहमान (A. R. Rahman) के साथ तन्हा तन्हा और रंगीला रे जैसे गीतों के जरिए उन्होंने नई पीढ़ी से जुड़ाव बनाया। इसके अलावा, इंडी-पॉप में कभी तो नजर मिलाओ जैसे गानों के जरिए भी उन्होंने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और बदलते संगीत परिदृश्य में खुद को प्रासंगिक बनाए रखा।
अपने लंबे और शानदार करियर में आशा भोसले को देश के सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा गया है। उन्हें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, वहीं 2008 में उन्हें पद्म विभूषण से भी नवाजा गया। इसके अलावा 1997 में ग्रैमी अवार्ड्स के लिए नामांकित होने वाली आशा पहली भारतीय बनीं।
आशा को दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, उन्हें 2011 में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा संगीत इतिहास में सबसे अधिक रिकॉर्ड किए गए कलाकार के रूप में मान्यता प्राप्त है।
2023 में एक बातचीत के दौरान उन्होंने आधुनिक संगीत पर अपनी बेबाक राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि वह आज के गाने बहुत कम सुनती हैं और ज्यादातर शास्त्रीय संगीत या भीमसेन जोशी जैसे दिग्गजों को सुनना पसंद करती हैं, ताकि अपनी गायकी को और बेहतर बना सकें। हालांकि उन्होंने राहत फतेह अली खान और सुनिधि चौहान जैसे कुछ समकालीन गायकों के काम की सराहना भी की थी।
तब्बू को दिया था अनमोल तोहफा
हाल ही में अभिनेत्री तब्बू (Tabu) ने आशा भोसले के साथ एक खास याद साझा की थी। उन्होंने बताया कि जन्मदिन पर आशा भोसले ने उन्हें एक गिटार उपहार में दिया था, जिसे उन्होंने अपने जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक बताया।
तब्बू तस्वीर शेयर करते हुए इंस्टा पोस्ट में लिखा था- “अपने सबसे यादगार दिनों के बारे में बताओ…उन लम्हों के बारे में बताओं जो तुम कभी नहीं भूलोगे, जो चीज तुम्हें सबसे ज्यादा छूती है, उसके बारे में बताओ…अपने सबसे कीमती खजानों के बारे में बताओ।”
उन्होंने बताया, “नवंबर में मेरा जन्मदिन था और तभी यह सुंदरता मेरे दरवाजे पर आई…यह गिटार मुझे आशा जी ने तोहफे के तौर पर दी थी।”
तब्बू ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए लिखा, “शब्दों में मैं जितनी कृतज्ञता महसूस करती हूं, उतनी बता नहीं सकती। मैं आपसे इतना प्यार और सम्मान करती हूं, आशाजी… आपके गीतों के जरिए हमने प्यार, चाहत, दर्द और जुनून को महसूस किया। मैं इस गिटार को जीवन भर संभालकर रखूंगी। उम्मीद है कि जल्द ही मैं आपके लिए इस गिटार पर आपके ही गीत बजा पाऊंगी।”
आशा भोसले की तबीयत को लेकर संगीत जगत और उनके प्रशंसकों के बीच चिंता का माहौल है। सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। फिलहाल, सभी की नजर अस्पताल से आने वाले आधिकारिक अपडेट पर टिकी हैं।
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