नई दिल्ली: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि वे कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ दीवानी और आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। खेड़ा ने उनकी पत्नी रिनिकी भ्यान शर्मा पर एक से अधिक पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया था।
दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खेड़ा ने कहा था, ‘मौजूदा मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भ्यान शर्मा आज भारतीय नागरिक नहीं हैं। यह राष्ट्रविरोधी गतिविधि है…तीन पासपोर्ट कौन रखता है… हेमंता इस देश से भागने की योजना बना रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश गुप्ता को उनकी उम्मीदवारी रद्द कर देनी चाहिए।’
कांग्रेस प्रवक्ता के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने एक पोस्ट में इन आरोपों को खारिज किया और इन्हें ‘दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत, राजनीतिक रूप से प्रेरित और भ्रामक’ बताया। कोर्ट पर विश्वास जताने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि खेड़ा को ‘अपने किए का परिणाम भुगतना पड़ेगा।’
‘ये कांग्रेस की हताशा और घबराहट है…’
सरमा ने पोस्ट में लिखा, ‘पवन खेड़ा की आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस कांग्रेस पार्टी के भीतर गहरी हताशा और घबराहट को दर्शाती है। असम ऐतिहासिक जनादेश की ओर निर्णायक रूप से बढ़ रहा है, ऐसे में इस तरह के हताश और निराधार हमले केवल उनकी कमजोर स्थिति को उजागर करते हैं। मैं उनके द्वारा लगाए गए हर आरोप को स्पष्ट रूप से खारिज करता हूं। ये दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित झूठ हैं जिनका उद्देश्य असम की जनता को गुमराह करना है।’
असम के मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, ‘मेरी पत्नी और मैं अगले 48 घंटों के भीतर पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और दीवानी मानहानि के मामले दर्ज करेंगे। उन्हें उनके लापरवाह और मानहानि वाले बयानों के लिए पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाएगा। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। एक बार अदालत में सच्चाई साबित हो जाने पर, पवन खेड़ा को अपने कार्यों के परिणाम भुगतने होंगे और कानून अपना काम करेगा।’
‘दस्तावजों में कई गलतियां’
सरमा ने कहा, ‘सर्कुलेट किए जा रहे दस्तावेजों में कई स्पष्ट गलतियां हैं, जो डिजिटल हेरफेर के एक घटिया और खराब तरीके से किए गए प्रयास का संकेत दे रही हैं। इसमें सरनेम मेल नहीं खाता- आधिकारिक सरनेम ‘शर्मा’ की जगह ‘सरमा’ का इस्तेमाल किया गया है। इस्तेमाल की गई तस्वीर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वाली है, न कि मानक बायोमेट्रिक कैप्चर। यूएई आईडी में गलतियां हैं- आईडी अपेक्षित जन्म के साल के पैटर्न से मेल नहीं खाता, राष्ट्रीयता मेल नहीं खाती- ये मिस्र के रूप में सूचीबद्ध है, जबकि MRZ एक अलग देश कोड दर्शा रहा है- एंटीगुआ और बारबुडा पासपोर्ट। प्रिंटेड फील्ड और एमआरजेड में पासपोर्ट नंबर मेल नहीं खा रहा है। स्पेलिंग की गलती (“Egyptiann”) और गलत अरबी संदर्भ। टाइटल डीड का क्यूआर कोड अमान्य प्रतीत होता है और किसी भी प्रामाणिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता।’
सरमा ने लिखा, ‘ये गलतियां स्पष्ट रूप से मनगढ़ंत या डिजिटल हेरफेर की ओर इशारा करती हैं। सत्य की जीत होगी। गलत सूचना फैलाने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।’ सरमा ने उम्मीद जताई कि जल्द पवन खेरा का झूठा कैंपेन सपाप्त होगा और वे (पवन खेरा) आखिरकार ‘जेल जाएंगे।’
मुख्यमंत्री की पत्नी, रिनिकी भुयान शर्मा ने भी खेरा द्वारा दिखाए गए दस्तावेजों में कथित ‘एआई जनरेशन और फोटोशॉपिंग’ जैसे आरोप लगाए। कांग्रेस नेता पर झूठे पासपोर्ट और दस्तावेजों को सर्कुलेट करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि दंपति आपराधिक मामला दर्ज कराएंगे।
रिनिकी शर्मा ने लिखा, ‘आपकी सिर्फ तपस्या में ही नहीं, एआई जेनरेशन और फोटोशॉपिंग में भी कमी रह गई। मुझे एक राष्ट्रीय पार्टी के प्रवक्ता से बुनियादी सावधानी बरतने की उम्मीद थी, न कि काल्पनिक पासपोर्ट और दस्तावेजों की घटिया ढंग से बनाई गई तस्वीरें प्रसारित करने की। अब मैं कानून को अपना काम करने दूंगी। आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हम इसे अदालत में आगे बढ़ा सकते हैं।’
पवन खेड़ा ने क्या आरोप लगाए थे?
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने आरोप लगाए हैं कि हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पास एक नहीं बल्कि तीन सक्रिय पासपोर्ट हैं। खेड़ा ने कहा था, ‘हिमंता बिस्वा सरमा की पूरी राजनीति मुसलमानों के प्रति नफरत पर आधारित है, लेकिन उनकी पत्नी के पास दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट कैसे हैं? भारतीय कानून के अनुसार, दोहरी नागरिकता नहीं हो सकती, तो क्या रिनिकी शर्मा के पास भी भारतीय पासपोर्ट है? हिमंता बिस्वा सरमा क्या अमित शाह के दत्तक पुत्र हैं? और क्या देश के गृह मंत्री को पता था कि उनके दत्तक पुत्र की पत्नी के पास तीन पासपोर्ट हैं?’
इसके बाद, गौरव गोगोई ने भी मुख्यमंत्री पर तीखा हमला करते हुए उनकी संपत्तियों की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा को सवालों के जवाब देने होंगे और ‘अपने अपराध की सजा भुगतनी होगी।’
बताते चलें कि असम में 9 अप्रैल को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इसमें राज्य भर की 126 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है।
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