Monday, April 6, 2026
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ISIS टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश, ऑनलाइन जिहादी प्रचार…युवाओं को बनाते थे टार्गेट; जांच में क्या आया सामने

संदिग्ध ISIS आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है। आंध्र प्रदेश पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बड़े खुलासे किए हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह नेटवर्क भारत में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने में शामिल था।

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश पुलिस ने एक संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया है। इसके कथित तौर पर विदेशी हैंडलर्स और ISIS जैसे आतंकी संगठनों से संबंध बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह नेटवर्क भारत में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने में शामिल था।

यह सबकुछ उस समय सामने आया है जब आंध्र प्रदेश पुलिस ने इस मामले में करीब एक दर्जन संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लिए बिहार, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और राजस्थान समेत कई राज्यों में टीमें भेजीं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आंध्र प्रदेश के भी तीन लोग शामिल हैं।

समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक खुफिया विभाग के सूत्र के हवाले से बताया कि इस समूह के विदेशी ऑपरेटिव्स से संबंध थे और यह ऑनलाइन तरीके से जिहादी प्रचार फैलाने में सक्रिय था।

एक खुफिया अधिकारी ने कहा, ‘विदेशी हैंडलर्स और इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) तथा अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) जैसे संगठनों से जुड़े एक जिहादी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है, जो भारत में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाने का काम कर रहा था।’

ऑनलाइन प्रचार के जरिए युवाओं को बना रहे थे निशाना

जांच एजेंसियों ने रहमतुल्लाह शरीफ को इस नेटवर्क का मुख्य आरोपी बताया है। पुलिस के अनुसार शरीफ और उसके सहयोगी कथित तौर पर उन लोगों के संपर्क में थे जो जिहादी सामग्री प्रसारित करते थे। साथ ही ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जाती थी।

आरोपी कथित तौर पर सोशल मीडिया के जरिए चरमपंथी सामग्री साझा करते थे और विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में थे। इस ग्रुप पर यह भी आरोप है कि वह ओसामा बिन लादेन, इसरार अहमद शेख, जाकिर नाइक और अनवर अल-अवलाकी के वीडियो प्रसारित कर मुस्लिम युवाओं को जिहाद और कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।

पुलिस को यह भी शक है कि यह नेटवर्क महिलाओं को जोड़ने के लिए एक अलग ‘खवातीन विंग’ बनाकर अपना विस्तार करने की कोशिश कर रहा था।

पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सीरिया, बांग्लादेश से लिंक

जांचकर्ताओं के अनुसार, इस समूह ने 40 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सीरिया और बांग्लादेश में बैठे हैंडलर्स से संपर्क स्थापित किया था।

एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क भारत में ‘हिजरत’ को बढ़ावा देने और आखिरकार एक इस्लामिक स्टेट या ‘खिलाफत’ स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा था।

अल-हकीम शुकूर, मोहम्मद हुजैफा, निंजा, हेमरॉक्सी, अबू मुहारिब और अबू बलूशी नाम के हैंडलर्स ने कथित तौर पर इस समूह को आतंकी प्रशिक्षण और हथियारों के इस्तेमाल, जिसमें स्नाइपर राइफल भी शामिल हैं, के बारे में गाइड किया था। यह भी दावा किया गया कि उन्होंने समूह को हथियार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था।

जांच एजेंसियों को यह भी संदेह है कि इस मॉड्यूल से जुड़े कुछ कट्टरपंथी लोग पहले से ही विदेशों के मदरसों में जिहादी प्रशिक्षण ले रहे थे और नेटवर्क में और लोगों की भर्ती की कोशिशें भी की जा रही थीं।

एक आरोपी सईदा बेगम कथित तौर पर पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर में मौजूद ऑपरेटिव्स के संपर्क में थी और जिहादी गतिविधियों की योजना बना रही थी।

साइबर आतंक, बम बनाने सहित भारत विरोधी कंटेंट

जांचकर्ताओं के अनुसार यह समूह केवल वैचारिक प्रचार तक सीमित नहीं था। यह कथित तौर पर साइबर आतंकवाद और बम बनाने से जुड़ी सामग्री भी साझा कर रहा था। आरोप है कि इन लोगों ने साइबर अटैक को बढ़ावा देने वाले कंटेन्ट भी प्रसारित किए, जिसमें सरकारी वेबसाइटों को हैक करने की योजनाएं भी शामिल थीं। एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े संभावित विदेशी फंडिंग के स्रोतों की भी जांच कर रही हैं।

पुलिस का यह भी दावा है कि समूह के सदस्यों ने इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बनाने से जुड़ी सामग्री भी अपलोड की थी। साथ ही यह भी कहा गया कि हथियार पाकिस्तान और अफगानिस्तान से मंगवाने की योजना थी।

समूह ने कथित तौर पर ऐसे फोटो भी पोस्ट किए थे जिनमें सदस्य चेहरे पर मास्क लगाए हुए, ISIS के झंडे दिखाते हुए और “एक उम्माह” जैसे नारे लगाते हुए नजर आ रहे थे। जांच एजेंसियों ने यह भी आरोप लगाया है कि इन्होंने ऐसे भड़काऊ वीडियो साझा किए, जिसमें भारतीय राष्ट्रगान को अपमानजनक तरीके से गाना गाया और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा राष्ट्रीय ध्वज के अपमान और उसे जलाते हुए दिखाने वाली सामग्री भी प्रसारित की गई।

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विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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