Sunday, April 5, 2026
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अमेरिका ने कैसे ढूंढा अपना लापता पायलट, दुश्मन के इलाके में ऐसे अंजाम दिया गया रेस्क्यू ऑपरेशन

रिपोर्टों के अमुसार, ईरान ने अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल को निशाना बनाकर गिरा दिया था। विमान में सवार दो क्रू मेंबर्स में से एक को शुरुआती अभियान में ही सुरक्षित निकाल लिया गया था, लेकिन दूसरा पायलट लापता हो गया था।

ईरान के भीतर दुश्मन के इलाके में फंसे अपने लापता पायलट को अमेरिकी सेना ने आखिरकार सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था, क्योंकि पायलट ईरान की सीमा के अंदर, पहाड़ी इलाके में दुश्मन की निगरानी के बीच फंसा हुआ था। अमेरिकी लड़ाकू विमान एफ-15ई और ए-10 पर हुए हमले के बाद शुरू हुआ यह सर्च मिशन कई घंटों तक चला और इसे हाल के समय के सबसे साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशनों में गिना जा रहा है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर इसको लेकर एक लंबा पोस्ट लिखा जिसमें उन्होंने बताया कि हमने उसे खोज निकाला। अमेरिकी सांसद डॉन बेकन ने भी एक्स पोस्ट में जानकारी दी है कि दूसरे पायलट को भी सुरक्षित बचा लिया गया है। यूएस एयरफोर्स के दूसरे क्रू सदस्य के सुरक्षित होने की खबर हम सभी की दुआओं का जवाब है।

रिपोर्टों के अमुसार, ईरान ने अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल को निशाना बनाकर गिरा दिया था। विमान में सवार दो क्रू मेंबर्स में से एक को शुरुआती अभियान में ही सुरक्षित निकाल लिया गया था, लेकिन दूसरा पायलट लापता हो गया था। इसके बाद अमेरिकी सेना ने हाई-इंटेंसिटी सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें स्पेशल फोर्स, सर्विलांस सिस्टम और एयर सपोर्ट को एक साथ लगाया गया।

कैसे लोकेशन को ट्रैक किया गया?

सूत्रों के अनुसार, लापता पायलट की लोकेशन ट्रैक करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक और रियल-टाइम इंटेलिजेंस का सहारा लिया गया। 24 घंटे निगरानी के बीच उसकी गतिविधियों और संभावित लोकेशन पर नजर रखी गई। इस दौरान ईरानी सेना भी उसी पायलट की तलाश में जुटी थी और उसे पकड़ने के लिए इनाम तक घोषित किया गया था, जिससे ऑपरेशन और चुनौतीपूर्ण हो गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि “हमने उसे खोज लिया है।” उन्होंने इसे अमेरिकी सेना के इतिहास के सबसे बहादुर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक बताया। ट्रंप के मुताबिक, पायलट दुश्मन की लाइनों के पीछे फंसा था और उसके पीछे लगातार खतरा मंडरा रहा था, लेकिन अमेरिकी कमांड और सैन्य नेतृत्व लगातार उसकी लोकेशन पर नजर रखे हुए थे और रेस्क्यू की योजना बना रहे थे।

ऑपरेशन में लगे थे स्पेशल एयरक्राफ्ट और कमांडो यूनिट्स

ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए अमेरिका ने विशेष रूप से सुसज्जित एयरक्राफ्ट और कमांडो यूनिट्स को तैनात किया। सही समय पर समन्वित कार्रवाई करते हुए पायलट को सुरक्षित बाहर निकाला गया। ट्रंप ने बताया कि पायलट को कुछ चोटें आई हैं, लेकिन उसकी हालत स्थिर है और वह जल्द ठीक हो जाएगा।

अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से पहले पायलट के रेस्क्यू की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी, ताकि दूसरे ऑपरेशन पर कोई खतरा न आए। यह भी दावा किया गया है कि दुश्मन के इलाके में अलग-अलग जगहों से दो अमेरिकी पायलटों को सुरक्षित निकालना अपने आप में एक दुर्लभ और अहम सैन्य उपलब्धि है।

वहीं, ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह विमान सेंट्रल ईरान के कोगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के ऊपर गिराया गया था, हालांकि इस पर ईरानी अधिकारियों की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

ट्रंप के बयान को हिंदी में पढ़ें

हमने उसे बचा लिया!

मेरे प्यारे अमेरिकी देशवासियों, पिछले कुछ घंटों के दौरान, संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना ने अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी ‘खोज और बचाव’ अभियानों में से एक को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। यह अभियान हमारे एक अद्भुत क्रू मेंबर ऑफिसर के लिए था, जो एक अत्यंत सम्मानित कर्नल भी हैं। मुझे आपको यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि वे अब पूरी तरह सुरक्षित और सकुशल हैं!

यह बहादुर योद्धा ईरान के दुर्गम पहाड़ों में दुश्मन की सीमा के भीतर फंसा हुआ था। हमारे दुश्मन उनका पीछा कर रहे थे और हर बीतते घंटे के साथ उनके करीब पहुँच रहे थे, लेकिन वे कभी भी अकेले नहीं थे। उनके कमांडर-इन-चीफ, युद्ध सचिव, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन और उनके साथी योद्धा 24 घंटे उनकी लोकेशन पर नजर रखे हुए थे और बड़ी मुस्तैदी से उनके बचाव की योजना बना रहे थे।

मेरे निर्देश पर, अमेरिकी सेना ने उन्हें वापस लाने के लिए दुनिया के सबसे घातक हथियारों से लैस दर्जनों विमान भेजे। उन्हें कुछ चोटें आई हैं, लेकिन वे जल्द ही बिल्कुल ठीक हो जाएंगे। यह चमत्कारिक बचाव अभियान कल एक और बहादुर पायलट के सफल रेस्क्यू के अतिरिक्त है, जिसकी हमने पुष्टि नहीं की थी क्योंकि हम अपने इस दूसरे बचाव अभियान को खतरे में नहीं डालना चाहते थे। सैन्य इतिहास में यह पहली बार है कि दो अमेरिकी पायलटों को दुश्मन के इलाके के भीतर से अलग-अलग अभियानों में सुरक्षित निकाला गया है।

हम अपने किसी भी अमेरिकी योद्धा को कभी पीछे नहीं छोड़ेंगे! तथ्य यह है कि हम बिना किसी भी अमेरिकी सैनिक के हताहत हुए या घायल हुए, इन दोनों ऑपरेशनों को अंजाम देने में सफल रहे। यह भी एक बार फिर साबित हुआ है कि हमने ईरानी आसमान में जबरदस्त हवाई बढ़त और श्रेष्ठता हासिल कर ली है।

यह एक ऐसा क्षण है जिस पर रिपब्लिकन, डेमोक्रेट और अन्य सभी अमेरिकियों को गर्व होना चाहिए और एकजुट होना चाहिए। हमारे पास वास्तव में दुनिया के इतिहास की सबसे बेहतरीन, पेशेवर और घातक सेना है। ईश्वर अमेरिका पर कृपा बनाए रखे, हमारे सैनिकों का भला करे, और आप सभी को ईस्टर की हार्दिक शुभकामनाएँ!

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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