ईरान जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वित्त वर्ष 2027 के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर (करीब 140 लाख करोड़) के रिकॉर्ड रक्षा बजट का प्रस्ताव पेश किया है। यह पिछले बजट की तुलना में 44 प्रतिशत अधिक है।
इसमें लगभग 1.1 ट्रिलियन डॉलर का आधारभूत रक्षा व्यय और 350 अरब डॉलर प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों के लिए रखे गए हैं। गोला-बारूद उत्पादन बढ़ाने, रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करने और “गोल्डन डोम” जैसे मिसाइल रक्षा कार्यक्रमों को विस्तार देने पर विशेष जोर दिया गया है।
इसके अलावा युद्धपोत निर्माण के लिए 65.8 अरब डॉलर का प्रावधान है और निचले रैंक के सैन्य कर्मियों (ई-5 और उससे नीचे) के लिए 7 प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रस्ताव भी शामिल है। प्रशासन का कहना है कि यह बढ़ोतरी वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों, खासकर मध्य पूर्व के तनाव, चीन के साथ प्रतिस्पर्धा और सैन्य आधुनिकीकरण की जरूरतों को देखते हुए जरूरी है।
रक्षा खर्च में इस बड़ी बढ़ोतरी के साथ ही गैर-रक्षा क्षेत्रों में भारी कटौती का प्रस्ताव रखा गया है। 2026 के स्तर की तुलना में गैर-रक्षा खर्च में लगभग 10 प्रतिशत कमी कर दी गई है। इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और विदेशी सहायता जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कटौती की जाएगी। रिपोर्टों के मुताबिक, पर्यावरण, शिक्षा और स्वास्थ्य अनुसंधान कार्यक्रमों में करीब 73 अरब डॉलर की कमी आ सकती है, जबकि कुल गैर-रक्षा खर्च घटकर लगभग 660 अरब डॉलर तक सिमट सकता है।
बजट में इन विभागों के खर्चे में भारी कटौती
विभिन्न विभागों के बजट में भी उल्लेखनीय बदलाव प्रस्तावित हैं। विभागों के स्तर पर देखें तो राज्य विभाग और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों को सबसे गहरा झटका लगा है, जहाँ बजट में 30 प्रतिशत की कमी का प्रस्ताव है। इसी तरह कृषि विभाग में 19 प्रतिशत, वाणिज्य में 12.2 प्रतिशत कटौती की योजना है। विशेष रूप से शिक्षा विभाग के लिए प्रस्तावित 76.5 अरब डॉलर का बजट इस विभाग को भविष्य में पूरी तरह खत्म करने की दिशा में एक प्रारंभिक कदम माना जा रहा है।
स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग के बजट को घटाकर 111.1 अरब डॉलर करने का प्रस्ताव है, जबकि हाउसिंग और शहरी विकास में 13 प्रतिशत कटौती कर 73.5 अरब डॉलर रखने की योजना है। राज्य विभाग और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों को सबसे ज्यादा झटका लग सकता है, जहां बजट 30 प्रतिशत घटाकर 35.6 अरब डॉलर करने का प्रस्ताव है।
प्रशासन ने इस बजट को फिजूल और अप्रभावी कार्यक्रमों में कटौती कर प्राथमिक क्षेत्रों पर फोकस करने वाला बताया है। सीमा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और वेटरन्स सेवाओं के लिए फंडिंग को प्राथमिकता दी गई है। न्याय विभाग में कानून प्रवर्तन के लिए अतिरिक्त संसाधन देने और गैर-जरूरी ग्रांट कार्यक्रमों को कम करने की बात कही गई है, जबकि गृह सुरक्षा विभाग के कुल बजट में कमी के बावजूद बॉर्डर एनफोर्समेंट और इमिग्रेशन कंट्रोल पर निवेश बनाए रखा जाएगा।
फेडरल कार्यक्रमों को समाप्त किया जाएगा
इसके साथ ही संघीय सरकार के ढांचे में बदलाव की भी योजना है। कई फेडरल कार्यक्रमों को समाप्त या समेकित करने और शिक्षा, हाउसिंग व वर्कफोर्स डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में अधिक जिम्मेदारी राज्यों और स्थानीय सरकारों को सौंपने पर जोर दिया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में “एडमिनिस्ट्रेशन फॉर अ हेल्दी अमेरिका” के तहत पुनर्गठन का प्रस्ताव है, जिसमें पोषण, खाद्य सुरक्षा और दीर्घकालिक बीमारियों की रोकथाम को प्राथमिकता दी जाएगी।
व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह बजट अमेरिका की सैन्य श्रेष्ठता बनाए रखने और सरकारी खर्च को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक व्यापक वित्तीय पुनर्गठन का हिस्सा है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर राजनीतिक प्रतिक्रिया बंटी हुई है। रिपब्लिकन नेताओं ने रक्षा खर्च में बढ़ोतरी का समर्थन किया है, जबकि डेमोक्रेट्स ने घरेलू कार्यक्रमों में कटौती को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि इससे आम नागरिकों पर असर पड़ सकता है।
पूरे बजट प्रस्ताव को 10 बिंदुओं में जानें
रक्षा बजट में रिकॉर्ड उछाल: ट्रंप ने पेंटागन के लिए 1.5 डॉलर ट्रिलियन डॉलर का प्रस्ताव रखा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 44% की भारी वृद्धि है। यह अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा आवंटन है।
सैन्य श्रेष्ठता का संकल्प: व्हाइट हाउस के अनुसार, इस निवेश का एकमात्र उद्देश्य चीन के साथ प्रतिस्पर्धा और वैश्विक संघर्षों के बीच अमेरिका को दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सक्षम सेना बनाए रखना है।
“गोल्डन डोम” पर दांव: इस बजट का एक बड़ा हिस्सा मिसाइल डिफेंस कवच (गोल्डन डोम) के लिए आरक्षित है, जिसे आधुनिक खतरों से निपटने के लिए “मजबूत रूप से वित्त पोषित” किया जाएगा।
घरेलू खर्च पर ‘कैंची’: रक्षा बजट में बढ़ोतरी की भरपाई के लिए गैर-रक्षा (घरेलू) कार्यक्रमों में 10% की सीधी कटौती का प्रस्ताव है, जिससे शिक्षा, पर्यावरण और स्वास्थ्य जैसे विभाग प्रभावित होंगे।
शिक्षा विभाग पर सबसे बड़ा प्रहार: शिक्षा विभाग को 76.5 डॉलर बिलियन डॉलर आवंटित किए गए हैं, लेकिन प्रशासन ने इसे भविष्य में पूरी तरह खत्म करने की राह पर डाल दिया है।
विदेशी सहायता में भारी कमी: राज्य विभाग और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के बजट में 30% की कटौती की गई है, जो ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” (पहले अमेरिका) नीति को पुख्ता करती है।
सैनिकों के वेतन में वृद्धि: सैन्य बजट के तहत E-5 और उससे नीचे के रैंक के कर्मियों के लिए 7% वेतन वृद्धि का प्रस्ताव है, ताकि सेना का मनोबल ऊंचा रहे।
सुरक्षा और सीमा पर जोर: कुल कटौती के बावजूद, सीमा सुरक्षा (बॉर्डर एनफोर्समेंट), पुलिसिंग और पूर्व सैनिकों (वेटरन्स) की सेवाओं के लिए फंडिंग को बरकरार रखा गया है।
नौकरशाही का अंत: इस प्रस्ताव के जरिए ट्रंप प्रशासन का उद्देश्य फेडरल ब्यूरोक्रेसी (संघीय नौकरशाही) को छोटा करना और कल्याणकारी योजनाओं की जिम्मेदारी राज्यों और स्थानीय सरकारों पर डालना है।
कांग्रेस में घमासान की तैयारी: यह प्रस्ताव अब कांग्रेस (संसद) जाएगा। रिपब्लिकन नेता जहाँ इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बता रहे हैं, वहीं डेमोक्रेट्स ने इसे घरेलू प्राथमिकताओं की अनदेखी करार देते हुए विरोध की चेतावनी दी है।

