वाशिंगटनः अमेरिकी सरकार ने पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत 75 देशों के लिए वीजा प्रक्रिया पर रोक लगाई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीजा प्रक्रिया पर पूरी तरह से रोक का ऐलान किया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने आव्रजन नियमों संबंधी कार्रवाई के इस कदम की घोषणा बुधवार, 14 जनवरी को की।
अमेरिकी प्रशासन ने क्या कहा?
ट्रंप प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि “यह उन देशों के लिए आप्रवासी वीजा प्रसंस्करण को रोक देगा जिनके प्रवासी “अमेरिकी जनता से अस्वीकार्य दरों पर कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाते हैं।”
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई पोस्ट में आगे कहा गया है, “यह प्रतिबंध तब तक सक्रिय रहेगा जब तक अमेरिका यह सुनिश्चित नहीं कर लेता कि नए अप्रवासी अमेरिकी लोगों से धन का दोहन नहीं करेंगे।”
75 देशों की सूची में बांग्लादेश, पाकिस्तान, ईरान, रूस और नेपाल शामिल हैं। अफगानिस्तान, मिस्र, इराक, कुवैत, लेबनान, मोरक्को, सूडान, थाईलैंड और यमन सहित कई अन्य देश भी सूची में थे।
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वीजा प्रक्रियाओं पर पूरी तरह से रोक 21 जनवरी से शुरू होगा और गैर-अप्रवासी वीजा या अस्थायी पर्यटक या व्यावसायिक वीजा के आवेदकों पर लागू नहीं होगा।
विदेश विभाग ने कहा कि इस रोक से “सोमालिया, हैती, ईरान और इरिट्रिया सहित दर्जनों देशों” पर असर पड़ेगा जिनके अप्रवासी अक्सर अमेरिका पहुंचने पर सार्वजनिक बोझ बन जाते हैं।
अमेरिकी सरकार ने हालांकि अभी तक उन देशों की सूची सार्वजनिक नहीं की है जिन पर नए यात्रा प्रतिबंध लागू होंगे लेकिन एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट में उन देशों की सूची का उल्लेख किया गया है जिनके नवीनतम प्रतिबंधों के दायरे में आने की संभावना है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने फेसबुक पर बताया कि प्रभावित देशों में सोमालिया भी शामिल होगा जिसके लोगों पर ट्रंप ने मिनेसोटा में प्रवासियों के वित्तपोषण घोटाले में शामिल होने के बाद तीखी आलोचना की थी। इसके अलावा रूस और ईरान भी प्रभावित होंगे।
डोनाल्ड ट्रंप ने कड़े अप्रवासन नियमों को बनाया था मुद्दा
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव से पहले अप्रवासन की नीतियों को लेकर घोषणाएं की थीं और चुनाव जीतकर राष्ट्रपति बनने के बाद इस दिशा में काम भी किया। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने कई देशों के अवैध प्रवासियों को वापस भेजा। इसके साथ ही एच-1बी वीजा और स्टूडेंट वीजा को लेकर भी कुछ कड़े प्रावधान लागू किए।
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डोनाल्ड ट्रंप के नए वीजा नियमों और कड़े नियमों के चलते प्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और जो छात्र अमेरिका में पढ़ने की योजना बना रहे थे, उन्होंने अमेरिका के अलावा नए विकल्पों की ओर भी विचार किया। ऐसे में अब नई घोषणा से देशों को और भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

