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संजय कपूर संपत्ति विवादः करिश्मा की बेटी ने कहा- दो महीने से फीस बाकी, हाई कोर्ट ने कहा- कोई मेलोड्रामा नहीं…

मुख्य विवाद संजय कपूर की वसीयत को लेकर है। संजय कपूर इस साल 12 जून को लंदन में पोलो खेलते समय दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उनकी मृत्यु के बाद, उनके बच्चों- समायरा और कियान ने उनकी वसीयत की वैधता को चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दायर की है।

करिश्मा कपूर के पूर्व और दिवंगत पति संजय कपूर के 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति विवाद को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस दौरान करिश्मा कपूर की बेटी समायरा कपूर ने आरोप लगाया कि अमेरिका में उसकी यूनिवर्सिटी की फीस दो महीने से नहीं भरी गई है। यह आरोप संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव पर था। हालांकि उन्होंने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया।

मामले की सुनवाई जस्टिस ज्योति सिंह की अदालत में हो रही थी। यह सुनवाई उस अंतरिम याचिका से जुड़ी है, जिसे करिश्मा कपूर के बच्चे समायरा और कियान ने दायर किया है। याचिका में मांग की गई है कि उनके सौतेली मां प्रिया सचदेव को संजय कपूर की संपत्ति बेचने या उसमें किसी तरह का बदलाव करने से रोका जाए।

समायरा और कियान की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने अदालत को बताया कि विवाह समझौते के अनुसार बच्चों के खर्चों की जिम्मेदारी संजय कपूर पर थी और उनकी मृत्यु के बाद यह जिम्मेदारी प्रिया सचदेव पर आती है। उन्होंने कहा कि बच्चों की संपत्ति भी फिलहाल प्रिया के पास ही है। इसी दौरान यह मुद्दा उठाया गया कि समायरा की दो महीने की फीस नहीं भरी गई है।

इस दावे का प्रिया की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर ने कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़े हर खर्च का भुगतान किया गया है और फीस न भरने की बात तथ्यहीन है, जिसका उद्देश्य केवल खबरों में जगह पाना है। प्रिया की कानूनी टीम ने यह भी कहा कि संजय कपूर के निधन के बाद भी वह लगातार बच्चों की जरूरतों का ध्यान रखती रही हैं।

अदालत ने लगाई फटकार

अदालत ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को फटकार लगाई। इस व्यक्तिगत विवाद को कोर्ट में लाने पर न्यायाधीश ज्योति सिंह ने अपनी नाराजगी जताई। न्यायाधीश ज्योति सिंह ने कहा कि ऐसे मुद्दों पर अदालत का समय बर्बाद नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा, “मैं इस पर 30 सेकंड से ज्यादा खर्च नहीं करना चाहती। यह सवाल मेरी अदालत में दोबारा नहीं आना चाहिए। मैं नहीं चाहती कि यह सुनवाई मेलोड्रामेटिक हो जाए।”

अदालत ने प्रिया सचदेव का प्रतिनिधित्व कर रही वरिष्ठ अधिवक्ता शायल त्रेहन से भी सख्त लहजे में कहा कि ऐसे विवाद दोबारा सामने न आएं।

किस बात को लेकर है विवाद?

मुख्य विवाद संजय कपूर की वसीयत को लेकर है। संजय कपूर इस साल 12 जून को लंदन में पोलो खेलते समय दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उनकी मृत्यु के बाद, उनके बच्चों- समायरा और कियान ने उनकी वसीयत की वैधता को चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दायर की है।

बच्चों ने अपनी सौतेली माँ प्रिया सचदेव पर वसीयत में जालसाजी या हेरफेर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि उनके दिवंगत पिता ने उन्हें बार-बार उनके सही हिस्से का आश्वासन दिया था, जो अंतिम दस्तावेज से गायब है।

दूसरी ओर, प्रिया कपूर ने दावा किया है कि वसीयत पूरी तरह वैध है और बच्चों को परिवार ट्रस्ट से पहले ही 1,900 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। पिछली सुनवाई में, करिश्मा के बच्चों के वकील ने प्रिया को ‘सिंड्रेला सौतेली माँ’ बताते हुए लालच और हेरफेर का आरोप लगाया था। इस पर कोर्ट ने प्रिया को संजय कपूर की संपत्तियों की पूरी सूची जांच के लिए पेश करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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