नई दिल्ली: ओमान के एक औद्योगिक क्षेत्र में ड्रोन हमले में कम से कम दो भारतीय नागरिक मारे गए है। यह 28 फरवरी को ईरान-अमेरिका संघर्ष की शुरुआत के बाद से पश्चिम एशियाई देश में जमीन पर हुई पहली भारतीय मौतें हैं।
ओमान की राजधानी मस्कट से लगभग 200 किलोमीटर दूर स्थित सोहर शहर के अल अवाही औद्योगिक क्षेत्र पर हुए ड्रोन हमले में दस भारतीय घायल हुए, लेकिन सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
संयुक्त अरब अमीरात समेत कई पश्चिम एशियाई देशों में ड्रोन और मिसाइल हमलों में अब तक तीन दर्जन से अधिक भारतीय घायल हो चुके हैं।
विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (खाड़ी देश) असीम महाजन ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर मंत्रालय में ब्रीफिंग में बताया कि सोहार शहर में हुए ‘हमले’ में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है।
महाजन ने कहा, ‘हम उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। हमले में घायल हुए 11 लोगों में से 10 भारतीय हैं। इनमें से पांच को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और पांच अन्य का स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है।’
उन्होंने कहा, ‘इनमें से किसी को भी गंभीर चोट लगने की खबर नहीं है। हमारा मिशन संबंधित कंपनी और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।’
दूसरी ओर ओमान समाचार एजेंसी (ओएनए) ने एक सुरक्षा सूत्र के हवाले से बताया कि सोहर में दो मानवरहित हवाई वाहन (ड्रोन) दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जिनमें से एक ड्रोन अल अव्ही औद्योगिक क्षेत्र में जा गिरा, जिसकी वजह से दो प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई।
28 फरवरी को ईरान-अमेरिका संघर्ष शुरू होने के बाद से, व्यापारिक जहाजों और टैंकरों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नाविक मारे गए हैं और एक अन्य लापता बताया जा रहा है। अब तक जमीन पर किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं थी।
हाल के दिनों में पश्चिम एशियाई देशों के नेतृत्व से संपर्क साधते हुए भारतीय सरकार ने इन देशों में रहने वाले 1 करोड़ भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया है।
महाजन ने यह भी बताया कि बुधवार को इराक के बसरा के पास हुए हमले में घायल हुए अमेरिकी स्वामित्व वाले तेल टैंकर सेफसी विष्णु के 15 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित रूप से बसरा शहर के एक होटल में पहुँचा दिया गया है।
सेफसी विष्णु पर हुए हमले में एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई। महाजन ने बताया कि उनके शव को वापस देश लाने के प्रयास जारी हैं। बचाए गए 15 नाविकों की सुरक्षित वापसी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारी मिशन की टीम बसरा में है और हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।’
महाजन ने ब्रीफिंग में यह भी बताया कि 28 फरवरी से अब तक पश्चिम एशिया से 150,000 भारतीय नागरिक लौट चुके हैं। इनमें कतर एयरवेज की उड़ानों से पिछले कुछ दिनों में कतर से लौटे 2,900 भारतीय और बहरीन से लौटे 1,000 भारतीय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात के कई हवाई अड्डों से नियमित गैर-निर्धारित वाणिज्यिक उड़ानें संचालित हो रही हैं और एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो ने गुरुवार से सऊदी अरब के रियाद से उड़ानें शुरू कर दी हैं।

