दुनिया भर में लोग लंबे समय तक अखबारों को खबरें और जानकारी पाने का सबसे भरोसेमंद जरिया मानते रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों में डिजिटल मीडिया के तेजी से बढ़ने की वजह से अखबारों की लोकप्रियता लगातार कम हो रही है। अब जब ज्यादातर लोग खबरें सोशल मीडिया या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से पढ़ते हैं, अमेरिका का 150 साल पुराना ‘अटलांटा जर्नल-कॉन्स्टिट्यूशन (एजेसी)’ (Atlanta Journal-Constitution) अखबार बंद होने जा रहा है।
अखबार ने गुरुवार (28 अगस्त) को ऐलान किया कि 31 दिसंबर 2025 को इसका आखिरी प्रिंट एडिशन छपेगा। नए साल यानी 1 जनवरी 2026 से यह अखबार पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म में बदल जाएगा। मीडिया संस्थान के इस फैसले के बाद, अटलांटा अमेरिका का सबसे बड़ा शहर बन जाएगा, जहाँ कोई भी दैनिक अखबार छपा हुआ नहीं मिलेगा। हालाँकि, कुछ छोटे अखबार अभी भी प्रिंट होते रहेंगे।
एजेसी का कहना है कि यह फैसला उनकी डिजिटल यात्रा को तेज करने और मीडिया के नए दौर में आगे बढ़ने की रणनीति का हिस्सा है। संगठन चाहता है कि वह पारंपरिक अखबार से आगे निकलकर एक आधुनिक मीडिया कंपनी बने।
अखबार के अध्यक्ष और प्रकाशक एंड्रयू मोर्स ने साफ कहा, “मीडिया इंडस्ट्री टेक्नोलॉजी और पाठकों की बदलती आदतों की वजह से तेजी से बदल रही है। हमें पहले से पता था कि यह दिन आएगा, इसलिए हमने तैयारी कर रखी थी। आज हमारे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रिंट की तुलना में कई गुना ज्यादा लोग जुड़ते हैं। पूरी तरह डिजिटल होने से हमारी पत्रकारिता लंबे समय तक असरदार बनी रहेगी।”
पिछले दो साल में एजेसी ने न्यूजरूम को मॉडर्न बनाने के लिए न्यूज़लेटर्स, पॉडकास्ट और वीडियो कंटेंट लॉन्च किए हैं, साथ ही एथेंस, मेकॉन और सवाना जैसे शहरों में नए ब्यूरो भी खोले हैं।
मुख्य संपादक लेरॉय चैपमैन के मुताबिक, “हम अपने पाठकों से दूर नहीं हो रहे, बल्कि उनके साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमारा मकसद वही है—ऐसी पत्रकारिता करना जो टिकाऊ हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मायने रखे।”
एजेसी की पैरेंट कंपनी Cox Enterprises 1939 से इस अखबार से जुड़ी है। कंपनी के चेयरमैन और सीईओ एलेक्स टेलर ने भावुक होकर कहा कि उन्हें सुबह घर के बाहर अखबार देखने की आदत ज़रूर याद आएगी, लेकिन यह बदलाव पर्यावरण के लिए फायदेमंद होगा और पत्रकारिता को और मजबूत बनाएगा।
‘अटलांटा जर्नल-कॉन्स्टिट्यूशन’ के बारे में
यह अखबार, जिसे कॉक्स परिवार ने संभाला है, इसका अपना एक लंबा सफर रहा है। इसकी कहानी 1868 में शुरू हुई थी, जब गृहयुद्ध के बाद अटलांटा शहर पूरी तरह तबाह हो चुका था। ओहायो के पूर्व गवर्नर जेम्स कॉक्स ने 1939 में द अटलांटा जर्नल और 1950 में द अटलांटा कॉन्स्टिट्यूशन खरीदा था। समय के साथ, कई बड़े संपादकों की मेहनत और दूरदर्शिता ने इसे नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
इस वक्त अटलांटा जर्नल कॉन्स्टिट्यूशन के कुल 1,15,000 ग्राहक हैं, जिनमें से 75,000 सिर्फ ऑनलाइन ग्राहक हैं। मोर्स ने ऑनलाइन ग्राहकों की संख्या 5 लाख तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है।
एंड्रयू मोर्स बताते हैं कि साल के आखिर तक एक नया मोबाइल ऐप आएगा। उन पाठकों के लिए एक डिजिटल कॉपी भी उपलब्ध रहेगी जो अब भी सुबह-सुबह हाथ में अखबार लेकर पढ़ने का अहसास पसंद करते हैं।
मोर्स के 2023 में आने के बाद से, एजेसी ने डिजिटल दुनिया में अपनी जगह मजबूत करने के लिए काफी निवेश किया है। उन्होंने न केवल नए रिपोर्टर भर्ती किए, बल्कि ऑडियो और वीडियो सामग्री भी शुरू की। अखबार का प्रिंट संस्करण अभी भी फायदे में था, लेकिन यह बदलाव सिर्फ आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाले कल के लिए किया गया है।
इससे पहले भी कई छोटे अखबारों ने छपना बंद कर दिया है। न्यू जर्सी का ‘द स्टार-लेजर’ भी इनमें से एक है, जो फरवरी में बंद हो गया था। हालांकि, कुछ लोग अभी भी प्रिंट में मुनाफा देखते हैं। डेकाटुरिश नाम की एक ऑनलाइन पब्लिकेशन ने पिछले साल एक साप्ताहिक प्रिंट संस्करण शुरू किया। उनके संपादक डैन व्हिसेनहंट ने कहा कि कुछ विज्ञापन देने वाले प्रिंट को पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, “पत्रकारिता में टिके रहने के लिए कमाई के कई तरीके होने चाहिए।”