नई दिल्ली: भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने गुरुवार को फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। साथ ही नौसेना के लिए अमेरिका से लंबी दूरी तक टोह करने वाली पी-8I विमानों की खरीद को भी मंजूरी दी गई है।
सूत्रों के अनुसार फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के 17-20 फरवरी के 3 दिवसीय भारत दौरे पर राफेल को लेकर सौदा फाइनल हो सकता है। इससे पहले राफेल के प्रस्ताव को 16 जनवरी को रक्षा खरीद बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी थी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, नए राफेल विमानों की खरीद से एयर डिफेंस और सीमावर्ती इलाकों में तैनाती की क्षमता मजबूत होगी।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली कमिटी ने कॉम्बैट मिसाइलों और एयर-शिप बेस्ड हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट्स के प्रपोजल को भी मंजूरी दी है। यह सभी अधिग्रहण 3.60 लाख करोड़ रुपये के हैं। सेना विभव एंटी-टैंक माइंस की भी खरीद करेगी और परिचालन तत्परता बढ़ाने के लिए टी-72, बीएमपी-II और ARVs का नवीनीकरण करेगी।
अमेरिका से P8I एयरक्राफ्ट की खरीद
रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि पी-8आई विमानों की खरीद से नौसेना की लंबी दूरी की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता, समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। यह खरीद अमेरिका से की जाएगी। भारतीय नौसेना में पी-8आई पहले से ही शामिल है।
भारतीय नौसेना के लिए सरकार ने अमेरिका से अब तक कुल 12 पी-8आई विमान खरीदे हैं। पहले चरण में साल 2009 में 8 और दूसरे चरण में साल 2016 में 4 पी-8आई विमान लिए गए। नवंबर 2019 में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 6 अतिरिक्त विमान के एओएन यानी एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी की मंजूरी दी थी।
हर एक एओएन की एक समय सीमा होती है। अगर इस समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती किसी वजह से, तो या तो उसे एक्सटेंड किया जाता है या फिर नए सिरे से एओएन मंजूरी के लिए भेजा जाता है। यानी केस को फ्रेश केस के तौर पर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है। अमेरिका ने मई 2021 में 6 पी-8आई विमान और उससे संबंधित उपकरणों की संभावित बिक्री को मंजूरी दे दी गई थी।
पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान जारी साझा बयान में कहा गया था कि ‘भारत की समुद्री निगरानी क्षमता को बढ़ाने के लिए 6 अतिरिक्त पी-8आई लांग रेंज मेरिटाइम रेकॉनेन्स विमान की खरीद का काम जल्द ही पूरा होगा, जिसके लिए बिक्री की शर्तों पर सहमति हो चुकी है।
क्या है पी-8आई विमान की खासियत
पी-8आई विमान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 41000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए समुद्र की गहराई में छुपी सबमरीन को ढूंढ सकता है और उन्हें निशाना भी बना सकता है। एक बार में यह 8300 किलोमीटर तक की उड़ान भर सकता है। इसमें 11 हार्ड पॉइंट लगे हैं, 5 इंटरनल और 6 बाहर विंग पर।
इस एयरक्राफ्ट से एंटीशिप मिसाइल हारपून, क्रूज मिसाइल, लाइटवेट टॉरपीडो, एंटी सबमरीन वॉरफेयर चार्ज और माइन लांच कर सकता है। विमान पावरफुल मल्टी मिशन सर्फेस सर्च रडार से लैस है।
(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)

