इंडिगो की उड़ानों में लगातार छठे दिन भारी अव्यवस्था के बीच देशभर में हजारों यात्री फंसे हुए हैं। फ्लाइटों की बड़े पैमाने पर कैंसलेशन और देरी से परेशान यात्रियों की मदद के लिए भारतीय रेलवे ने कई आपात कदम उठाए हैं।
दक्षिणी रेलवे ने तमिलनाडु और केरल में स्पेशल ट्रेनें चलाने और अतिरिक्त कोच लगाने की घोषणा की है। वहीं, अहमदाबाद एयरपोर्ट पर यात्रियों की सहायता के लिए रेलवे ने एक विशेष हेल्पडेस्क भी शुरू किया है।
दक्षिणी रेलवे ने बताया कि यात्रियों की अचानक बढ़ी मांग को देखते हुए रविवार और सोमवार को तीन जोड़ी स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जाएंगी। इनमें कोयंबटूर–डॉ. एमजीआर चेन्नई सेंट्रल–कोयंबटूर स्पेशल, तिरुवनंतपुरम–चेन्नई एग्मोर–तिरुवनंतपुरम स्पेशल और नागरकोइल–तांबरम–नागरकोइल सुपरफास्ट स्पेशल शामिल हैं।
कोयंबटूर स्पेशल तिरुपुर, इरोड और सेलम से होकर चलेगी। तिरुवनंतपुरम स्पेशल, दोनों दिन निर्धारित रूट से तो नागरकोइल सुपरफास्ट स्पेशल मदुरै, डिंडीगुल और तिरुचिरापल्ली के रास्ते संचालित होगी।
37 ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच जोड़े गए
रेलवे के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (इन्फॉर्मेशन एंड पब्लिसिटी) दिलीप कुमार ने बताया कि रेलवे ने देशभर की 37 ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच अस्थायी रूप से जोड़ दिए हैं, जिससे 114 अतिरिक्त ट्रिप उपलब्ध हो सकें। जिन रूटों पर मांग ज्यादा है वहां चेयर कार और स्लीपर क्लास कोच लगाए गए हैं। इन व्यवस्थाओं का लाभ 10 से 12 दिसंबर तक मिलेगा।
रविवार को कई प्रमुख ट्रेनों जैसे तिरुवनंतपुरम सेंट्रल–चेन्नई सेंट्रल सुपरफास्ट, मुंबई सीएसटी–चेन्नई बीच सुपरफास्ट, जोधपुर–तिरुचिरापल्ली हमसफर, चेन्नई–कोयंबटूर शताब्दी और सेलम, इरोड व अलाप्पुझा से चलने वाली चेन्नई रूट की ट्रेनों में भी अतिरिक्त एसी और स्लीपर कोच जोड़े जाएंगे।
इसके अलावा मांग के अनुसार कई स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। इनमें पुणे–बेंगलुरु एक्सप्रेस, पुणे–हजरत निजामुद्दीन स्पेशल और लोकमान्य तिलक टर्मिनस–लखनऊ स्पेशल जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार आगे जरूरत पड़ने पर और भी स्पेशल ट्रेनें शुरू की जाएंगी।
वर्तमान में देशभर में 164 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं। रेलवे ने इनके संचालन को ऐसे व्यवस्थित किया है कि यात्रियों को अधिकतम सुविधा मिले। नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, निजामुद्दीन सहित कई स्टेशनों से पटना, गोरखपुर और पूर्वी भारत के अन्य शहरों के लिए विशेष सेवाओं की संख्या भी बढ़ाई गई है। यात्रियों ने स्पेशल ट्रेनों के संचालन पर खुशी जताई। नई दिल्ली से पटना जा रहे एक यात्री ने कहा कि नियमित ट्रेनों में जगह नहीं मिल रही थी, लेकिन स्पेशल ट्रेन से उन्हें बड़ी राहत मिली।
इंडिगो संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित यात्रियों के लिए रेलवे ने विशेष कदम उठाए हैं। शनिवार को भारतीय रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों की विस्तृत सूची जारी की, ताकि किसी यात्री को यात्रा के दौरान परेशानी न हो। सूची में पुणे–केएसआर बेंगलुरु, पुणे–हजरत निजामुद्दीन, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस–हजरत निजामुद्दीन, लोकमान्य तिलक टर्मिनस–लखनऊ, नागपुर–सीएसएमटी, गोरखपुर–लोकमान्य तिलक टर्मिनस, गोरखपुर–आनंद विहार टर्मिनल और आनंद विहार–गोरखपुर समेत बड़ी संख्या में ट्रेनें शामिल हैं।
नई दिल्ली–उधमपुर वंदे भारत, नई दिल्ली–मुंबई सेंट्रल, हजरत निजामुद्दीन–तिरुवनंतपुरम, लोकमान्य तिलक टर्मिनस–गोरखपुर सहित कई अन्य ट्रेनों को भी अतिरिक्त सुविधाओं के साथ संचालित किया जा रहा है।
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर रेलवे हेल्पडेस्क
इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने के बाद अहमदाबाद एयरपोर्ट पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। ऐसे में पश्चिम रेलवे ने सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक स्पेशल हेल्पडेस्क बनाया है।
वेस्टर्न रेलवे के कर्मचारी संजय रावल ने बताया कि आईआरसीटीसी और अहमदाबाद रेलवे डिवीजन मिलकर फंसे यात्रियों को उपलब्ध स्पेशल और नियमित ट्रेनों तथा सीटों की जानकारी दे रहे हैं।
एयरपोर्ट पर यात्रियों की परेशानी बढ़ी
यह कदम उस समय उठाया गया है जब इंडिगो एयरलाइन नए पायलट ड्यूटी नियम लागू होने के बाद गंभीर संकट में है। 5 दिसंबर को अकेले करीब एक हजार उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिनमें दिल्ली से अधिकतर घरेलू उड़ानें शामिल थीं। दूसरी एयरलाइनों ने किराए अचानक बढ़ा दिए, जिसके बाद सरकार ने रिफंड 7 दिसंबर तक पूरा करने का आदेश दिया और नाइट ड्यूटी में सीमित छूट दी।
रविवार छठे दिन बी दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद एयरपोर्ट पर हजारों यात्री फंसे नजर आए। दिल्ली एयरपोर्ट के बाहर भारी भीड़ और चारों तरफ सूटकेसों का ढेर दिखा, क्योंकि यात्री अपने बैगेज, रिफंड और वैकल्पिक यात्रा के इंतजाम के लिए भटकते रहे।
मुंबई से एक युवती ने बताया कि पोर्ट ब्लेयर से यात्रा करते समय उनका लेओवर अचानक घंटेभर से बढ़कर छह घंटे हो गया और आखिरकार कुल 12–13 घंटे की यात्रा में उन्हें भोजन तक नहीं दिया गया। उनके माता-पिता की कानपुर वाली फ्लाइट भी सुबह रद्द कर दी गई।
एक अन्य यात्री ने बताया कि उन्हें पुणे जाना था, लेकिन उड़ान रद्द होने के बाद मजबूरी में पहले मुंबई और अब सड़क मार्ग से पुणे जाना पड़ रहा है।

